Khatu Shyam Mela Accident: खाटू मेले के पहले दिन 'नो व्हीकल जोन' में टेंपो की टक्कर से श्याम भक्त की मौत, डैमेज कंट्रोल में जुटा प्रशासन!

Khatu Shyam Mela 2026: खाटू मेले के पहले दिन बड़ा हादसा हो गया. सुरक्षा के भारी-भरकम दावों के बीच 21 फरवरी को एक टेंपो न सिर्फ 'नो व्हीकल जोन' में घुस गया, बल्कि उसने यूपी से आए एक श्याम भक्त को भी रौंद दिया. इस हादसे में 60 साल के बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई.

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खाटू मेले में सुरक्षा की पोल खुली, 'नो व्हीकल जोन' में बेकाबू टेंपो ने श्याम भक्त को रौंदा
NDTV Reporter

Sikar News: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू धाम (Khatu Shyam Mandir Rajasthan) में बाबा श्याम का वार्षिक फाल्गुन मेला (Falgun Lakhi Mela 2026) शुरू होते ही एक दर्दनाक खबर सामने आई है. प्रशासन ने जिस रास्ते को नो व्हीकल जोन (No Vehicle Zone) घोषित कर सुरक्षित पदयात्रा का दावा किया था, उसी मार्ग पर एक तेज रफ्तार टेंपो (Tempo) ने 60 वर्षीय श्याम भक्त की जान ले ली. इस हादसे ने मेले की सुरक्षा में तैनात 4500 पुलिसकर्मियों और 1500 होमगार्डों की मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

यूपी से आया था भक्त, लापरवाही ने ली जान

मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी श्याम बाबू के रूप में हुई है. वह रींगस से खाटू धाम की ओर पैदल यात्रा कर रहे थे. इसी दौरान चौमू पुरोहितान के पास रींगस से सवारी भरकर खाटू जा रहे एक टेंपो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. घायल श्याम बाबू को तत्काल रींगस के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

आज मेले के दूसरे दिन लगभग 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु खाटू धाम पहुंचेंगे.

4500 पुलिसकर्मी तैनात, फिर कैसे घुसा वाहन?

हैरानी की बात यह है कि रींगस-खाटू पदयात्रा मार्ग को उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार गुप्ता ने दो दिन पहले ही 'नो व्हीकल जोन' घोषित कर दिया था. भारी-भरकम पुलिस जाप्ता तैनात होने के बावजूद तेज रफ्तार वाहन का इस रूट पर दौड़ना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रहा है. अभी मेले का पहला ही दिन है और आने वाले दिनों में यहां 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, ऐसे में यह हादसा भक्तों की सुरक्षा को लेकर बड़ा डर पैदा कर रहा है.

प्रशासन में हड़कंप, 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी'

हादसे के बाद प्रशासन अब डैमेज कंट्रोल में जुट गया है. रींगस उपखंड अधिकारी और मेला मजिस्ट्रेट बृजेश गुप्ता ने स्वीकार किया कि कुछ पॉइंट्स पर लापरवाही हुई है. उन्होंने कहा, 'थानाधिकारी को अलर्ट कर दिया गया है और अब मैं स्वयं सभी पॉइंट्स की चेकिंग कर रहा हूं. किसी भी कर्मचारी की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.' वहीं थानाधिकारी सुरेश कुमार ने भी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है.

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