विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की बढ़ी मुश्किल, जयपुर की कोर्ट ने हत्या के प्रयास का आरोप तय किया

मलिंगा पर आरोप है कि 28 मार्च 2022 को धौलपुर के बाड़ी डिस्कॉम ऑफिस में पूर्व विधायक मलिंगा के इशारे पर सहयोगियों ने AEN हर्षदापति और JEN नितिन गुलाटी के साथ मारपीट की.

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पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा

Jaipur News: जयपुर की एससी-एसटी कोर्ट ने पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित 7 आरोपियों पर हत्या के प्रयास, मारपीट, राजकार्य में बाधा और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) कर दिए हैं. जज विद्यानंद शुक्ला ने यह फैसला सुनाया. दरअसल, मलिंगा पर आरोप है कि 28 मार्च 2022 को धौलपुर के बाड़ी डिस्कॉम ऑफिस में पूर्व विधायक मलिंगा के इशारे पर सहयोगियों ने AEN हर्षदापति और JEN नितिन गुलाटी के साथ मारपीट की. अगले दिन यानी 29 मार्च को AEN ने मलिंगा समेत नामजद FIR दर्ज कराई. हाईकोर्ट के निर्देश पर केस जयपुर ट्रांसफर हुआ. मामले में 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. 

घटना के बाद मामला तेजी से सुर्खियां बन गया था

घटना के बाद मामला तेजी से सुर्खियां बन गया था. हर तरफ घटना की निंदा हुई. यहां तक कि धौलपुर SP शिवराज मीणा का तबादला हो गया. बिजली कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किए.  घटना के बाद मलिंगा ने विधायक राजेंद्र गुढ़ा के साथ तत्कालीन CM अशोक गहलोत से सीएम हाउस में मुलाकात की, उसके बाद सरेंडर किया था. 

2022 में मिली थी ज़मानत, 2024 में हुई थी रद्द 

इसके बाद मलिंगा को 17 मई 2022 को कोरोना के बीच हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन जमानत के बाद मलिंगा ने समर्थकों के साथ जुलूस निकाला जिसके बाद कोर्ट ने इसे मिसयूज मान 5 जुलाई 2024 को जमानत याचिका रद्द कर दी थी. उसे 30 दिन में सरेंडर करने के आदेश दिए. मलिंगा ने 20 नवंबर 2024 को सरेंडर कर दिया. हालांकि इसके बाद उसे जमानत मिल गई थी और फिलहाल वह बाहर है.

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