Rajasthan UCC: राजस्थान सरकार प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने सोमवार (22 जून) को गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि राजस्थान में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाया जाएगा, जिससे प्रदेश के सभी नागरिकों पर धर्म और समुदाय से परे एक समान नागरिक कानून लागू होगा. जोगाराम पटेल ने कहा कि देश और प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की आवश्यकता है.
उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है. इसी संवैधानिक भावना के अनुरूप राज्य सरकार यूसीसी लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है.
अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए एक कानून
मंत्री पटेल ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी. इसके साथ ही वर्तमान में प्रचलित विभिन्न पर्सनल लॉ, जैसे हिंदू कोड बिल और मुस्लिम पर्सनल लॉ की अलग-अलग व्यवस्थाओं के स्थान पर एक समान नागरिक कानून लागू होगा.
इसका उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
विधि मंत्री ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करना तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है. प्रस्तावित कानून में बहुविवाह पर रोक, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीकरण तथा संपत्ति में पुत्र और पुत्री को समान अधिकार जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड के अध्ययन और सुझावों के लिए एक समिति का गठन किया है. इस समिति में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी अनुशंसा सरकार को सौंपेंगे.
जोगाराम पटेल ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम अपने स्तर पर यूसीसी कानून पारित कर चुके हैं, जबकि गोवा में लंबे समय से समान नागरिक संहिता जैसी व्यवस्था लागू है. राजस्थान सरकार आगामी विधानसभा सत्र में UCC को रख सकती है.
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