प्रोड्यूसर विक्रम भट्ट के बैंक खाते पर लगी रोक हटी, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- यह मौलिक अधिकारों का हनन

राजस्थान हाईकोर्ट ने विक्रम भट्ट से जुड़े बैंक खाते फ्रीज मामले में आंशिक राहत दी. कोर्ट ने कहा कि पूरे खाते पर रोक नहीं लगाई जा सकती, केवल विवादित राशि पर ही कार्रवाई हो सकती है.

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फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को राजस्थान हाईकोर्ट ने आंशिक राहत दी है. राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने विक्रम भट्‌ट से जुड़े बैंक खाते फ्रीज मामले में फैसला सुनाया. कोर्ट कहा कि पूरे बैंक खाते को ब्लॉक करना उचित नहीं है, केवल विवादित राशि तक ही निकासी पर रोक लगाई जा सकती है. जबकि अन्य लेनदेन सामान्य रूप से जारी रहेंगे. फिल्म निर्माण में आरोप के मामले में विक्रम भट्टे के खिलाफ केस दर्ज है. इसी मामले में उनके बैंक खाते भी फ्रीज किए गए थे, जिसके बाद भट्ट ने कोर्ट में याचिका लगाई. बैंक खातों को फ्रीज करने को राजस्थान हाईकोर्ट ने गलत बताया है.

विवादित राशि पर लगी रोक लागू

कोर्ट ने संबंधित बैंकों को 4 खातों को डी-फ्रीज करने के आदेश भी दिए गए हैं, जिससे याचिकाकर्ता अपनी सामान्य आर्थिक गतिविधियां जारी रख सकें. अदालत ने यह भी माना कि बैंक खाते आज व्यक्ति के आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें पूरी तरह रोकना अनुचित है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि केवल 30 करोड़ रुपये की विवादित राशि तक ही रोक लागू रहेगी और बाकी खातों को तत्काल प्रभाव से संचालित किया जाए. 

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30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का है मामला

मामला उदयपुर निवासी डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. फिल्म निर्माण के नाम पर भारी निवेश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं. शिकायत के अनुसार, अलग-अलग फिल्मों के लिए करीब 44.28 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जिसमें से लगभग 30 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है. इसी आधार पर उदयपुर के भूपालपुरा थाने में मामला दर्ज कर पुलिस जांच शुरू की गई. 

बैंकों ने विक्रम भट्ट के खाते को किया था फ्रीज

जांच के दौरान पुलिस के निर्देश पर बैंकों ने सभी खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया था. इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि इससे उनके दैनिक खर्च, व्यापारिक कामकाज और कर्मचारियों के भुगतान पर गंभीर असर पड़ा है. कोर्ट ने कहा कि बैंक खाता फ्रीज करना एक कठोर कदम है और इसे बिना पर्याप्त आधार के लागू करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. 

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