क्यूआर कोड से घर बैठे पता चलेगा बीमारी का खतरा, उदयपुर मेडिकल कॉलेज ने लॉन्च किया हेल्थ एडवाइजर ऐप

राजस्थान में उदयपुर के रवीन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज ने एक अनोखी ऐप बनाई है जो क्यूआर कोड स्कैन से बीमारी के जोखिम की पहले से पहचान करेगी. यह ऐप लोगों को तुरंत सलाह देगी और जांच की जरूरत बताएगी.

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राजस्थान में क्यूआर कोड स्कैन से बीमारी के जोखिम की पहले से पहचान हो पाएगी.

Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है. रवीन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज ने प्रिवेंटिव हेल्थ एडवाइजर नाम की एक नई ऐप लॉन्च की है. इस ऐप से लोग बीमारी के लक्षण दिखने से पहले ही अपने शरीर में छिपे जोखिम को जान सकेंगे. मंगलवार को कॉलेज के सभागार में इस ऐप का उद्घाटन हुआ जहां प्रिंसिपल विपिन माथुर ने बताया कि यह ऐप बहुत आसान है. बस एक क्यूआर कोड स्कैन करें और ब्राउजर में खोल लें. 

ऐप फाइल बनाकर बताएगा बीमारी

साथ ही इसमें अपनी पूरी जानकारी भरनी होगी जैसे उम्र स्वास्थ्य इतिहास और आदतें. फिर ऐप एक पीडीएफ फाइल बनाएगी जो बताएगी कि आपको किस बीमारी का खतरा है. साथ ही कौन सी जांच करानी चाहिए और किस डॉक्टर से मिलना जरूरी है. इससे लोग घर बैठे अपनी सेहत की जांच कर पाएंगे बिना डॉक्टर के पास जाए. यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के बारे में भी यह ऐप सलाह दे सकती है जो पहले कभी नहीं देखा गया.

डॉक्टरों ने बताया ऐप का महत्व

इस ऐप को शुरू करने वाले कॉलेज के कैंसर विभाग के प्रमुख डॉक्टर नरेन्द्र राठौड़ ने कहा कि कई लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ समझते हैं लेकिन अंदर से कोई समस्या बढ़ रही होती है. यह ऐप शरीर का पूरा मूल्यांकन करेगी और बताएगी कि आगे क्या कदम उठाने चाहिए. इससे बीमारी को शुरू में ही रोकना आसान हो जाएगा.

उदयपुर जैसे इलाके में जहां मेडिकल सुविधाएं दूर हैं यह ऐप जीवन बचाने वाली साबित हो सकती है. लोग अब इंतजार नहीं करेंगे लक्षण आने का बल्कि पहले से सतर्क रहेंगे. कॉलेज का यह कदम स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाएगा और इलाज के खर्च को भी कम करेगा. कुल मिलाकर यह योजना लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर ले जाएगी.

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