जयपुर: UGC के नए नियम को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. यूपी से लेकर राजस्थान तक हर जगह नए नियम का विरोध हो रहा है. विरोध कर रहे लोग का कहना है कि यूजीसी के नियम से उल्टा भेदभाव बढ़ सकता है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए किसी शिकायत निवारण का स्पष्ट प्रावधान नहीं है. UGC के नए नियम को लेकर जारी विवाद में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना की भी एंट्री हो गई है. महिपाल मकाराना ने विधानसभा घेराव की घोषणा करते हुए कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन सवर्ण समाज के लिए बच्चों को पहले ही दिन अपराधी घोषित करने के लिए बनाई गई है.
'कोई सिस्टम नहीं है, जो बात करे'
जयपुर में मंगलवार को नए नियम का विरोध करते हुए महिपाल मकराना ने कहा कि यह मान लिया गया है कि सवर्ण समाज के युवा अपराधी है. जो भी चीज खड़ी की गई, वह सिर्फ एससी-एसटी के पक्ष में खड़ी की गई. वहां ऐसे कुछ भी नहीं है, जो इसकी बात करे. कोई सिस्टम नहीं है, जो कुछ भी बात करे. अगर आपने किसी पर इल्जाम लगा दिया है तो पहले दिन से अपराधी हैं. कोई इसपर सुनवाई नहीं होगी, जेल भेज दिया जाएगा.
'बहन-बेटी की इज्जत खतरे में है'
महिपाल मकराना
अभी सिर्फ रुझान है, पूरे देश में बाढ़ आ जाएगी'
एक घटना का उदाहरण देते महिपाल मकराना ने कहा कि हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में भाजपा के पूर्व पार्षद की बेटी को प्रपोजल दिया जाता है और जब उसने नकार दिया तो एप्लीकेशन में ठोंक दी कि मेरे साथ अभद्रता की. बाकायदा भाजपा के पार्षद ने 50 हजार रुपये देकर समझौता किया है, यह तो सिर्फ रुझान है. पूरे देश में बाढ़ आ जाएगी. लड़की कुछ कर नहीं सकता है, वह इज्जत कहां से बचाएगी. हमारे समानता की बात को छोड़ो, बच्चियों को तो सम्मान बचाने की बात आ गई है.
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महिपाल मकराना ने आगे कहा कि हम लोग विधानसभा का घेराव करेंगे. अगर उसके बाद भी निर्णय नहीं हुआ तो बाकायदा सवर्ण समाज भारत बंद की तारीख तय करेगा. यह राजपूतों की धरती है, यहां से पूरे देश में मैसेज जाएगा. इसी तरीके का बिल आया था और जलियावाला बाग कांड हो गया, रोलैक्ट आया था... न वकील, न दलील और न अपील... यह भी उसी तरह से है. हमारे युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा.
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