Kota: कोटा के नयापुरा क्षेत्र में कल, शनिवार, 10 जनवरी की देर शाम को गोवंश के अवशेष सड़क पर मिलने के बाद हंगामा हो गया. बजरंग दल और हिंदू संगठन के सदस्यों ने खबर मिलते ही नयापुरा चौक पर धरना शुरू कर दिया. उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग शुरू कर दी और नारे लगाने लगे. थोड़ी देर में वहां सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि तथा अन्य लोग भी पहुंच गए. वहां भारी भीड़ जमा हो गई और सबने इस घटना की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया. इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन को भी मौके पर पहुंचना पड़ा.
रात को मिला गौवंश
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रात 8:00 बजे करीब नयापुरा क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिले. इसके बाद सोशल मीडिया से ख़बर फैलने लगी और थोड़ी ही देर में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और सदस्य तथा हिंदू संगठन से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए. इसके बाद सभी ने सड़क पर मिले गोवंश के अवशेषों को लेकर धरना शुरू कर दिया. उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी और सड़क पर ही बैठ गए.
इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी, अनिल सिंघल और पुलिस के अधिकारियों ने काफी देर तक वार्ता की. आखिरकार उनकी मांग पर नगर निगम के ठेकेदार और अन्य लोगों के खिलाफ नयापुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. इसके बाद देर रात पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में भी लिया.
पुलिस द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दर्ज मुकदमे के प्रकरण में कार्रवाई को लेकर आश्वस्त करवाए जाने के बाद देर रात लगभग 5 घंटे बाद धरना समाप्त हुआ. पुलिस टीम ने मौके से गौवंश के अवशेषों को जमा कर पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेज दिया है.
कोटा बंद की चेतावनी
भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन भी मौके पर आए और उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर बातचीत की. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले में जो भी दोषी होगा उसको सख्त सजा मिलेगी.
हालांकि, बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम भी दिया कि निर्धारित समय अवधि में इस पूरे मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो कोटा बंद करवाया जाएगा.
शुरुआती जांच में क्या पता चला
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गौवंश के अवशेष कोटा नगर निगम के मुर्दा मवेशी ठेकेदार की गाड़ी से सड़क पर गिरे हैं.
लेकिन, बजरंग दल द्वारा इस मामले में गौहत्या के आरोप लगाकर धार्मिक सद्भावना बिगाड़ने के आरोप लगाए गए हैं. प्रदर्शनकारियों की ओर से नगर निगम में मुर्दा मवेशी के ठेकेदार का लाइसेंस भी निरस्त करने की मांग की गई है.
नगर निगम के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया है कि ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि इससे पहले भी कोटा के आर के पुरम थाना क्षेत्र में मृत गौवंशों के अपमान का एक मामला सामने आया था जिसके बाद आरके पुरम थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था.
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