Rajasthan News: झालावाड़ के राजपरिवार और झाला राजवंश की राजमाता स्वरूपा देवी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया. झालावाड़ नरेश महाराज राणा चंद्रजीत सिंह के जरिए ये सूचना मिलते ही राजपूत समाज प्रतिनिधि, शहर के गणमान्य व झालावाड़ राज परिवार के प्रतिनिधि दरबार कोठी पृथ्वी विलास पैलेस पहुंचने लगे. मंगलवार देर शाम राजमाता का पार्थिव शरीर झालावाड़ लाया गया. कुछ ही देर में अब गढ़ परिसर से अंतिम यात्रा शुरू होगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए राज परिवार के अंत्येष्टि स्थल क्षारबाग पहुंचेगी, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.
झालावाड़ पहुंची वसुंधरा राजे
राजमाता स्वरूपा देवी को अंतिम विदाई देने के लिए राजस्थान प्रदेश सहित पूरे देश के विभिन्न राजघरानों के प्रतिनिधि गण झालावाड़ पहुंच गए हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी अपने सांसद बेटे दुष्यंत सिंह के साथ मंगलवार की रात ही झालावाड़ के डाक बंगले पहुंच गई थीं. बताया जा रहा है कि पृथ्वी विलास पैलेस पहुंचकर राज परिवार के सदस्यों से मुलाकात करेंगी, और राजमाता के अंतिम दर्शन करेंगी. राजे के अलावा कई राजनेताओं और कई राजघरानों के प्रतिनिधियों के अंत्येष्टि कार्यक्रम में पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है.
झाला हाउस में ली आखिरी सांस
राजमाता स्वरूपा देवी टिहरी गढ़वाल के महाराजा मानवेंद्र शाह साहब बहादुर की पुत्री थीं. उनका विवाह 19 अप्रैल 1968 को महाराज राणा इंद्रजीत सिंह के साथ हुआ था. 80 वर्ष की उम्र में राजमाता के निधन की जानकारी मिलते ही पूरे झालावाड़ शहर में शोक की लहर फैल गई. राजपूत समाज प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह झाला ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे हमें सूचना मिली थी कि झालावाड़ राज परिवार के महाराज राणा चंद्रजीत सिंह की माता तथा पूर्व नरेश महाराज राणा इंद्रजीत सिंह की धर्मपत्नी राजमाता स्वरूपा कुमारी का झाला हाउस, डिफेंस कॉलोनी, दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया.