दिल्ली में मौजूदगी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की मुलाकात की तस्वीर चर्चा में है. बुधवार (22 अप्रैल) को हुई दोनों की मुलाकात पर बीजेपी ने सवाल खड़े कर दिए हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अगर दोनों नेताओं को एकजुटता दिखाने के लिए फोटो खिंचवानी पड़ रही है, तो इसे समझा जा सकता है कि कांग्रेस कितनी एकजुट है? राठौड़ ने चुटकी लेते हुए कहा कि फोटो खिंचवाना पड़ रहा है इसका मतलब कितने बड़े अंतर्द्वंद है? उन्होंने साल 2020 के दौरान सामने आई गुटबाजी पर भी बयान दिया और कहा, "गहलोत ने सचिन पायलट को तब नकारा और निकम्मा कहा गया था. वह शायद इस बात को जिंदगीभर नहीं भूला सकेंगे. मदन राठौड़ ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस के दोनों नेता साथ हो ही नहीं सकते, बल्कि यह सिर्फ साथ होने का स्वांग कर रहे हैं."
गहलोत ने पत्रकारों से कहा- फोटो ले लो
दरअसल, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओबीसी एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में शामिल होने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दिल्ली कांग्रेस के मुख्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात सचिन पायलट से हुई. पायलट ने गहलोत के गाड़ी से उतरते ही हाथ बढ़ाकर अभिवादन किया. इस तस्वीर को मीडिया के कैमरों ने भी कैद किया. गहलोत ने वहां मौजूद पत्रकारों से कहा था, "फोटो ले लो, फिर कहोगे कि दोनों की बनती नहीं है." वहीं, सचिन पायलट ने भी कहा कि पीछे और कौन-कौन आ रहा है, यह भी ध्यान रखना.
राठौड़ का सवाल- दोनों चेयर-गेम में सद्भाव दिखा सकेंगे?
इस तस्वीर पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, "कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं की जिस तस्वीर को एकजुटता के रूप में देखा जा रहा है, उसका दूसरा पहलू यह भी है. दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं और दोनों की यह मुलाकात कांग्रेस की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल से ठीक पहले हुई. लेकिन सवाल यह है कि फोटो फ्रेम में एकजुटता दिखाने वाले दोनों नेता, क्या चेयर–गेम में भी ऐसा ही सद्भाव दिखा सकेंगे?"
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