राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से राजस्थान और पंजाब के बीच पानी के विवाद पर एनडीटीवी से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि भगवंत मान के कहने से कुछ नहीं होता है. पानी भारत का ही है. आजादी से पहले की बातों का हवाला देकर वे केवल बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भगवंत मान या किसी के भी कह देने से राजस्थान का पानी नहीं रुक सकता.
हालांकि, उन्होंने इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार का मामला है. केंद्र सरकार कमजोर पड़ रही है, इसलिए ही कोई ऐसी बात कर रहा है. प्रदेश की सरकार की स्थिति सब जानते हैं. प्रदेश में कहीं सरकार ही नहीं बची है.
"लोगों को नहीं मिल रहा पानी"
प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पंजाब के साथ जल विवाद की बात अलग है. इसके अलावा भी राजस्थान के सभी बांध इस वक्त पूरे लबालब है. इसके बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल रहा है. राजधानी जयपुर में ही बीसलपुर परियोजना से पानी नहीं आ रहा है. लोग परेशान हैं. सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. ऐसे में भाजपा सरकार को पंजाब का बहाना लेकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागना चाहिए.
जर्जर स्कूलों पर सरकार को साधा निशाना
वहीं, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रदेश में जर्जर स्कूलों के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मेरी हाईकोर्ट से भी नाराजगी है. प्रदेश सरकार शपथ पत्र तो देती है, लेकिन कभी वह काम पूरे नहीं होते. झालावाड़ हादसे में साथ मासूम बच्चों की जान चली गई थी, लेकिन अभी तक भी मुख्यमंत्री जाकर वहां पर उन पीड़ित परिवारों से नहीं मिले हैं.
"बहाना ढूंढकर सरकार चुनाव नहीं करवा रही"
इसके साथ ही पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सरकार OBC आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर चुनाव सरका रही है. लगातार कोई ना कोई बहाना ढूंढकर सरकार चुनाव नहीं करवा रही है. इस सरकार की मंशा ही नहीं है. मंत्री जोगाराम पटेल के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वह लिखकर दे दें. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को पत्र लिखकर दे दें. बातचीत कर लें, लेकिन सरकार बस बहानेबाजी कर रही है.
दरअसल जोगाराम पटेल ने कहा था कि अगर कांग्रेस कह दे कि बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवा लेंगे, तो हम यह करवा लेंगे. उन्होंने कहा था कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है. चुनाव करवाना, सरकार का नहीं राज्य निर्वाचन आयोग का काम है.
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