भैरव बटालियन क्या है? सेना की नई टुकड़ी के बारे में जानिए 10 बातें

भारतीय सेना ने भैरव बटालियन नाम से एक नई टुकड़ी का गठन किया है. क्या करती है ये बटालियन, क्यों है खास?

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भैरव बटालियन के जवानों ने पहली बार सेना दिवस परेड में हिस्सा लिया
Indian Army

जयपुर में आज सेना दिवस (15 जनवरी) के मौके पर इंडियन आर्मी ने अपनी सैन्य क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन किया. सेना ने पहली बार दिल्ली के छावनी क्षेत्र से बाहर निकलकर इस विशेष दिन पर परेड की. यह इतिहास राजस्थान की राजधानी जयपुर में बना. वहां अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए जानी जानेवाली सेना की विभिन्न टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया जिसकी सलामी भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली. जयपुर में हुई सेना की इस विशेष परेड का एक मुख्य आकर्षण भैरव बटालियन रही जो सेना की एक नई टुकड़ी है और पहली बार इसके जवानों ने सेना दिवस पर परेड में हिस्सा लिया. आइए जानते हैं भैरव बटालियन के बारे में 10 मुख्य बातें.

  1. भैरव बटालियन एक नई श्रेणी अत्याधुनिक तकनीक से लैस भारतीय सेना की नई टुकड़ी है. भारतीय सेना ने पिछले वर्ष, 2025 में अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए तीन नई टुकड़ियों का गठन किया था. इनके नाम थे रुद्र ब्रिगेड, दिव्यास्त्र बैटरी और भैरव बटालियन.

    सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी को सलामी देती भैरव बटालियन
    Photo Credit: Indian Army

  2. भैरव बटालियन की हर बटालियन में लगभग 250 सैनिक होते हैं. ये सैनिक सेना की इन्फ्रैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और अन्य सहयोगी टुकड़ियों के सैन्यकर्मी होते हैं.
  3. अभी भैरव सेना की लगभग 15 बटालियन तैयार हो चुकी हैं. भारतीय सेना की ऐसी 25 बटालियन बनाने की योजना है. ये बटालियन भारतीय सेना के ढांचे का एक स्थायी हिस्सा बनती जा रही है.
  4. भैरव बटालियन को खास तौर पर ऐसे स्थानों पर तैनात किया जा रहा है जो संवेदनशील क्षेत्र हैं. इनमें राजस्थान, जम्मू, लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत के राज्य शामिल हैं. 

    Photo Credit: ANI

  5. भैरव बटालियन को ऐसे अति महत्वपूर्ण अभियानों के लिए तैयार किया गया है जिनमें विभिन्न तरह के हालातों में ऐक्शन की ज़रूरत होती है. ये बटालियन अचानक हुए हमलों या परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित होती है. भैरव बटालियन ऐसे अभियानों में हिस्सा ले सकती है जिनमें पूर्व नियोजित सैन्य कार्रवाई की नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता होती है.
  6. भैरव बटालियन के प्रतीक चिह्न में एक कोबरा की तस्वीर बनी है. साथ ही लिखा है - भैरव, अदृश्य, अदम्य. भैरव बटालियन के टीम कमांडर ने NDTV को बताया कि इसमें कोबरा इसलिए दिखाया गया ताकि अगर वह दुश्मन को काट ले तो उसकी मौत निश्चित है और इसी प्रकार भैरव दुश्मन का काल है.
  7. भैरव बटालियन का नाम भगवान शिव के रौद्र रूप पर रखा गया है. इस बटालियन का आदर्श वाक्य (Motto) है - "अभयम् भैरव". इसका अर्थ है निर्भीक रक्षक. इसके साथ ही इसके जवान "राजा रामचंद्र की जय", "बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" जैसे पारंपरिक नारे भी लगाते हैं.
  8. भारतीय सेना के अनुसार भैरव बटालियन को “Fight Tonight” के लिए बनाया गया है, यानी लड़ने के लिए बहुत कम समय में तैयार रहना है.

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  9. भैरव बटालियन का गठन सेना ने अपनी स्पेशल फोर्सेज़ यानी विशिष्ट अभियानों में हिस्सा लेनेवाली टुकड़ियों तथा नियमित सेना के बीच पुल का काम करने के उद्देश्य से किया है. इसका लक्ष्य स्पेशल फोर्सेज़ को बहुत ही ज़्यादा अहम अभियानों के लिए सुरक्षित रखना है.
  10. भैरव बटालियन इस वर्ष 26 जनवरी को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी. पहली बार इस बटालियन के जवान कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी देते हुए नज़र आएंगे.