टोंक में हुई जांच तो खुला राज, एक साथ 326 सरकारी कर्मचारी और अधिकारी थे गायब

शासन सचिवालय की प्रशासनिक सुधार एवं समन्यवय निरीक्षण विभाग के औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों से जुड़ा बड़ा राज खुला.

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निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

Rajasthan News: टोंक जिला मुख्यालय पर एडीएम, एसडीएम, जिला परिषद और कलेक्ट्रेड में बुधवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जयपुर से आए शासन सचिवालय के प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय की निरीक्षण टीम ने डिप्टी सेकेट्री रमेश चंद परेवा के नेतृत्व में एक साथ कई विभागों के रजिस्टर जब्त करने शुरू किए. ऐसे में देखते ही देखते 109 हाजरी रजिस्टर जब्त कर लिए गए और 69 राजपत्रित और 257 अराजपत्रित कर्मचारी अनुपस्थित मिलें. 

इसके बाद टोंक के सरकारी कार्यालयों में इस कार्यवाही को लेकर हड़कंप मच गया. वहीं जयपुर से आए दल के शासन उप सचिव और अतिरिक्त निदेशक ने बताया कि कुल 326 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए है, जिनके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

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सचिवालय की टीम ने किया औचक निरीक्षण 

सरकारी महकमों में अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी जग जाहिर है और बुधवार की सुबह जयपुर से टोंक में सरकारी विभागों के कर्मचारी और अधिकारियों के समय पर पहुंचने और नही पंहुचने को लेकर शासन सचिवालय की टीम जयपुर से आई. प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय की टीम ने टोंक में 9 बजकर 30 मिनट से लेकर 10 बजे तक जिला कलेक्ट्रेड में एडीएम, एसडीएम, जिला परिषद सहित एक दर्जन से ज्यादा विभागों में जाकर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच शुरू की.

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 जांच के दौरान कर्मचारी और अधिकारी मिलें गैरहाजिर

जांच के दौरान कुल 109 रजिस्टर को अपने साथ लेकर टीम एडीएम टोंक सूरज सिंह नेगी के कार्यालय में पहुंची. जांच में जिला मुख्यालय पर राजपत्रित अधिकारियों में 229 में से कुल 69 राजपत्रित अधिकारी गैर हाजिर मिलें. वहीं 805 में से कुल 257 कर्मचारी गैर हाजिर मिलें. इस तरह लगभग 3 घंटे से ज्यादा का समय जयपुर से आई टीम को लगा और टोंक में इस कार्यवाही से हड़कम्प मच गया.

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इस दौरान भले ही मीडिया को दूर रखा गया हो पर एक साथ 69 राजपत्रित अधिकारियों का समय पर नहीं आना अधिकारियों की लापरवाही का खुला उदाहरण है. यही कारण है कि जब-जब 30.13 प्रतिशत आंकड़ा राजपत्रित अधिकारियों की गैर हाजरी का हो तो कर्मचारी भी कहा पीछे रहते हैं और आज की कार्यवाही में अधिकारियों के 30.13 प्रतिशत गैरहाजिर रहने के मुकाबले कर्मचारियों की गैर हाजरी 31.92 प्रतिशत मिली.

लापरवाही पर होगी कार्रवाई?

टोंक में शासन सचिवालय के प्रशासनिक सुधार के अतिरिक्त निदेशक (निरीक्षण) रमेश चंद परेवा ने कहा कि हम टोंक में जांच के लिए आये थे और हमने 109 रजिस्टर अपने कब्जे में लेकर जांच करते हुए कार्यवाही की है. टोंक कलेक्टर सौम्या झा और एडीएम टोंक से मिलकर कमिया जो मिलीं है, उसकी जानकारी देते हुए सुधार के निर्देश दिए है. वहीं हम अपनी रिपोर्ट अपने सम्बंधित अधिकारियों को देंगे और नियम विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.

सरकारी महकमो में पांच दिवसीय कार्य दिवस सप्ताह के बावजूद अधिकारी और कर्मचारियों का समय पर ऑफिस नही आना घोर लापरवाही को दर्शाता है. अब देखने वाली बात यह होगी कि आज गैर हाजिर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही अमल में लाई जाती है.

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