कौन थे वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार जैन? अचानक हुए निधन से जयपुर न्यायिक जगत में शोक

अजय कुमार जैन दिनभर अदालत में कामकाज करने के बाद अदालत की कार्यवाही समाप्त होने पर भी वे अपने कक्ष में मौजूद रहे. शाम करीब चार बजे तक वे अधिवक्ताओं के साथ बार काउंसिल चुनाव और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर गहन चर्चा करते रहे.

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वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार जैन

Ajay Kumar Jain: राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व न्यायिक अधिकारी अजय कुमार जैन का सोमवार (19 जनवरी) देर शाम निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही राज्य के न्यायिक जगत, अधिवक्ता समुदाय और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई. अजय कुमार जैन लंबे समय से राजस्थान हाईकोर्ट में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे थे. कानून के क्षेत्र में उनका नाम सम्मान और भरोसे के साथ लिया जाता था. खास बात यह रही कि सोमवार को भी वे पूरी तरह सक्रिय थे. दिनभर अदालत में कामकाज करने के बाद अदालत की कार्यवाही समाप्त होने पर भी वे अपने कक्ष में मौजूद रहे. शाम करीब चार बजे तक वे अधिवक्ताओं के साथ बार काउंसिल चुनाव और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर गहन चर्चा करते रहे.

काफी कोशिशों के बावजूद डॉक्टर नहीं बचा सके

सहकर्मियों के अनुसार, उस दौरान वे पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य नजर आ रहे थे. ऐसे में उनके अचानक निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया. शाम के समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें गंभीर कार्डियक अटैक आया. परिजन और सहयोगी उन्हें तत्काल जयपुर के शास्त्रीनगर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इमरजेंसी में चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया. हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. अस्पताल प्रशासन ने उनके निधन की पुष्टि की.

कौन थे अजय कुमार जैन

वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार जैन न केवल एक कुशल वकील थे, बल्कि वे पूर्व में न्यायिक अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे. न्यायिक सेवा से वकालत में आने के बाद उन्होंने राजस्थान के कई बड़े, संवेदनशील और चर्चित मामलों में प्रभावी पैरवी की. दारिया एनकाउंटर और हरनेक सिंह से जुड़े मामलों सहित अनेक ऐसे प्रकरणों में उनकी अहम भूमिका रही, जिनका असर प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर की राजनीति तक पर पड़ा.

जटिल मामलों में उनकी गहरी कानूनी समझ, मजबूत तर्कशक्ति और स्पष्ट प्रस्तुति के कारण उन्हें अदालतों में विशेष सम्मान प्राप्त था.

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अधिवक्ताओं ने जताया शोक

उनके निधन पर राजस्थान हाईकोर्ट बार सहित जयपुर की विभिन्न बार एसोसिएशनों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और अधिवक्ता संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है. अधिवक्ता समुदाय का कहना है कि अजय कुमार जैन का जाना न्यायिक व्यवस्था के लिए अपूरणीय क्षति है. वे युवाओं के लिए मार्गदर्शक थे और वकालत में अनुशासन, शालीनता और नैतिक मूल्यों के प्रतीक माने जाते थे.

सहकर्मी अधिवक्ताओं के अनुसार, जिस व्यक्ति ने सोमवार को दिनभर अदालत में बहस की और शाम तक कानूनी तथा चुनावी मुद्दों पर चर्चा की, उसका इस तरह अचानक चले जाना आज भी विश्वास करना कठिन है. अजय कुमार जैन अपने पीछे एक समृद्ध कानूनी विरासत, सम्मानजनक पहचान छोड़ गए हैं.

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