Rajasthan News: आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत नाम जुड़वाने और कटवाने को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस विधायक रफीक खान की तरफ़ से लगाए आरोपों पर बीजेपी के प्रत्याशी रहे रवि नैय्यर ने पलटवार किया है. रफीक खान ने आरोप लगाया था कि रवि नैय्यर ने फर्जी एफिडेविट देकर करीब 400 फॉर्म पर दस्तखत किए हैं. इस पर जवाब देते हुए रवि नैय्यर ने कहा कि रफीक खान होश में नहीं हैं, उन्हें अपनी जानकारी दुरुस्त करनी चाहिए.
'400 नहीं, 2000 फॉर्म पर आपत्ति दर्ज कराई'
रवि नैय्यर ने दावा किया कि उन्होंने 400 नहीं, बल्कि करीब 2000 फॉर्म पर दस्तखत कर आपत्तियां दर्ज कराई हैं और सभी आवेदन वैध प्रक्रिया के तहत जमा किए गए हैं. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज के दौरान आदर्श नगर में हजारों की संख्या में फर्जी वोटर जोड़े गए. उन्होंने कहा कि SIR की स्वाभाविक प्रक्रिया के पहले चरण में ही 46,700 वोट कट चुके हैं, जिससे साफ होता है कि वोटर लिस्ट में गंभीर गड़बड़ियां थीं.
रवि नैय्यर ने यूपी से आए फर्जी वोटर्स का दावा करते हुए कहा कि अलीगढ़, फिरोजाबाद, कानपुर, बरेली, पीलीभीत सहित अन्य जिलों और राज्यों से लोगों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज किए गए. बीजेपी की बूथ स्तर की टीम, पन्ना प्रमुख और वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, जिसके बाद संदेहास्पद वोटरों के खिलाफ फॉर्म नंबर 7 के तहत आपत्तियां दर्ज की गईं.
'सभी फॉर्म पर ओरिजिनल साइन हैं'
रवि नैय्यर ने कहा कि आपत्ति लगाने का मतलब सीधे वोट कटना नहीं है, बल्कि अब चुनाव आयोग जांच करेगा. अगर संबंधित व्यक्ति वहां पाया जाएगा तो उसका नाम बना रहेगा, अन्यथा हटाया जाएगा. उन्होंने खुद स्वीकार किया कि 2000 में से 100–200 आवेदन में मानवीय त्रुटि हो सकती है, लेकिन करीब 95 प्रतिशत आपत्तियां सही हैं. नैय्यर ने कहा कि दो हज़ार में से 1800 से लेकर 1900 आपत्तियां तो सही हैं और इन लोगों के नाम कटेंगे.
रफीक खान की तरफ़ से लगाए फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों को खारिज करते हुए नैय्यर ने कहा कि सभी फॉर्म पर उनके ओरिजिनल साइन हैं और कोई गलत काम नहीं किया है. उन्होंने कहा कि उनका कार्यक्षेत्र आदर्श नगर है और आपत्ति दर्ज कराना कानून के दायरे में है. माइनॉरिटी इलाकों को लेकर उठे सवालों पर रवि नैय्यर ने कहा कि उनकी आपत्तियां पूरी तरह तथ्यों पर आधारित हैं. उन्होंने एकतरफा और असामान्य मतदान प्रतिशत पर भी सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने के लिए जांच जरूरी है. रवि नैय्यर ने साफ किया कि उनके पास किसी का वोट काटने का अधिकार नहीं है और उन्हें निर्वाचन आयोग पर पूरा भरोसा है. यदि उनकी किसी आपत्ति में त्रुटि पाई जाती है तो आयोग उसे निरस्त कर सकता है.
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