जयपुर में सुरक्षित नहीं महिलाएं...देश के 31 शहरों में 25वें स्थान पर पिंक सिटी, मंत्री बेढम रिपोर्ट मान ही नहीं रहे 

जब गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से इस रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दूसरी रिपोर्ट आपने नहीं देखी क्या? उन्होंने अहमदाबाद और जयपुर को सबसे सुरक्षित बताया और इस रिपोर्ट पर यक़ीन करने से साफ़ इंकार कर दिया. महिला जैसे संवेदनशील मामले पर बातचीत करने के लिए मंत्री जी के पास समय नहीं था.

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Rajasthan News: नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वीमेन सेफ्टी (NARI) 2025 ने भारतीय शहरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नया दृष्टिकोण पेश किया है. उन्होंने एक सर्वे देश में करवाया, इस रिपोर्ट में 31 शहरों की 12,770 महिलाओं से सर्वे किया गया और राष्ट्रीय सुरक्षा स्कोर 65 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसमें शहरों को सुरक्षा स्तर के आधार पर "हायर" से लेकर "लोअर" तक की श्रेणियों में बांटा गया, जिससे शहरी सुरक्षा की असली तस्वीर सामने आई. रिपोर्ट को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने लॉन्च किया.

इस रिपोर्ट में सबसे सबसे असुरक्षित शहरों की लिस्ट में जयपुर का भी नाम है , 31 शहर में से जयपुर को 25 वी रैंक मिली है यानी ज़ाहिर है कि जयपुर शहर महिलाओं के लिए अब सुरक्षित नहीं रहा. 

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64.6 प्रतिशत महिलाएं अपने शहर में खुद को सुरक्षित महसूस करतीं हैं

सर्वे रिपोट्र के अनुसार शहर में 21 प्रतिशत महिलाओं का शारीरिक व 10 प्रतिशत मानसिक उत्पीड़न हो रहा है. वहीं 19 प्रतिशत महिलाओं को पड़ोसियों की ओर जबकि 13 प्रतिशत महिलाओं से कार्यस्थल पर उत्पीड़न हो रहा है. सर्वे 18 वर्ष से ज्यादा आयु की 12770 महिलाओं की राय जानी गई. देश भर में महिला सुरक्षा को महिलाओं की निगाह से देखने से पता चलता है कि औसतन 64.6 प्रतिशत महिलाएं अपने शहर में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं यानी बाकी की 40 प्रतिशत स्वयं को सुरक्षित नहीं महसूस करतीं.

रात के समय सुरक्षा चिंताएं ज्यादा

रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं को रात के समय सुरक्षा चिंताएं ज्यादा होती हैं. इसका कारण पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी खामियां हैं, जिसमें स्ट्रीट लाइटिंग, पुलिस पेट्रोलिंग की कमी और सामाजिक पहलू शामिल हैं. महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को बड़ा ख़तरा बताते हुए सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पुलिस रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाए और पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए.

डीसीपी वेस्ट ने क्या बताया ? 

डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि महिला अत्याचार को लेकर जयपुर पुलिस सूचना मिलते ही तुरंत मौक़े पर पहुंचती है. उन्होंने कहा कि गरिमा हेल्पलाइन नंबर लगातार काम कर रही है, जयपुर में निर्भया और कालिका टीम पेट्रोलिंग कर रही हैं और महिला से जुड़ी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. डीसीपी ने यह भी दावा किया कि रात के समय विशेष नाकाबंदी की जाती है और असामाजिक तत्वों पर पुलिस सख़्त कार्रवाई में जुटी हुई है.

राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने क्या कहा ?  

वहीं, जब गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से इस रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दूसरी रिपोर्ट आपने नहीं देखी क्या? उन्होंने अहमदाबाद और जयपुर को सबसे सुरक्षित बताया और इस रिपोर्ट पर यक़ीन करने से साफ़ इंकार कर दिया. महिला जैसे संवेदनशील मामले पर बातचीत करने के लिए मंत्री जी के पास समय नहीं था. सवाल सुनते ही वह बिना एक मिनट रुके गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए.

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विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए

उधर, विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए. कांग्रेस नेता विकल्प जोशी ने कहा कि सरकार नहीं सहेगा राजस्थान का नारा लगाकर सत्ता में आयी थी, लेकिन अब उनसे राजस्थान नहीं संभल रहा. उन्होंने सरकार से इस्तीफ़े की मांग की और आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद महिला अत्याचारों में कमी नहीं आ रही है.

रिपोर्ट में यह भी ख़ुलासा हुआ कि 57% महिलाओं को वर्बल, 35% को फिजिकल, 10% को सेक्सुअल और 2% को इकोनॉमिकल हैरेसमेंट का सामना करना पड़ा है. यही वजह है कि अब महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए खुलकर आवाज़ उठा रही हैं.

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