टोंक के ककोड़ गांव में करोड़ों के पार्क तो बने हैं, पर स्कूल जर्जर है और बच्चों को आज भी लाइब्रेरी का इंतजार है। वहीं, करौली के रामपुर दाभाई में बड़ा बदलाव आया है; जहां कभी मरीजों को चारपाई पर ले जाना पड़ता था, आज वहां पक्की सड़कें और घर-घर नल पहुंच चुके हैं। एनडीटीवी की खास सीरीज 'मुद्दों का पंचायतन' में देखिए राजस्थान के दो गांवों की जमीनी हकीकत।