होली का त्यौहार सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि शब्दों के उल्लास और हंसी के ठहाकों का भी है। इस खास कार्यक्रम में देश के ख्यातिप्राप्त कवि अपने अनूठे अंदाज में राजनीति, समाज, रिश्तों और आम जिंदगी पर तीखे व्यंग्य और मजेदार चुटकुले पेश कर रहे हैं।