राजस्थान के जालौर जिले के एक छोटे से गाँव भवरानी के रहने वाले हरीश की। हरीश एक साधारण परिवार से आते हैं जहाँ संसाधन बेहद सीमित हैं, लेकिन उनके सपने असाधारण हैं। बिना किसी आधुनिक स्टेडियम या महंगे उपकरणों के, हरीश ने अपने गाँव के खेतों को ही अपना प्रैक्टिस ग्राउंड बना लिया है।