भरतपुर जिले में पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही गांवों की चौपालों और चाय की थड़ियों पर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. एनडीटीवी राजस्थान की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस बार ग्रामीण जाति या व्यक्ति की बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसे विकास कार्यों को मुद्दा बनाकर वोट देने का मन बना चुके हैं. मौजूदा सरपंचों और प्रत्याशियों ने भी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का हिसाब देना शुरू कर दिया है, जिससे चुनाव मुकाबला दिलचस्प हो गया है.