पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर दौरे के दौरान प्रदेश में संभावित अकाल, पेयजल संकट और ग्रामीण रोजगार की समस्या को लेकर गंभीर नजर आए. उन्होंने राज्य सरकार को चेताते हुए प्रभावित तहसीलों और गांवों को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने तथा राहत कार्य शुरू करने की मांग की. गहलोत ने किसानों और पशुपालकों की मदद के लिए चारा डिपो खोलने, रिहायती दर पर चारा देने और अनुदान देने पर विशेष जोर दिया.