राजस्थान में युवाओं के बीच रीलबाज़ी और 'गैंगस्टर लाइफ' का क्रेज एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। सोशल मीडिया पर बदमाशों को फॉलो करना और उनके जैसा दिखने की चाहत अब जानलेवा साबित हो रही है। फलौदी में हिस्ट्रीशीटर रावल सिंह की हत्या हो या जयपुर और झुंझुनू की फायरिंग की घटनाएं, इन सबके पीछे सोशल मीडिया का गहरा प्रभाव नजर आ रहा है।