राजस्थान के शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल की शुरुआत की है। अब सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों के नाम के साथ जुड़े 'जातिसूचक' शब्दों और 'अजीबोगरीब' नामों (जैसे- कजोटमल, शेरू, आदि) को हटाने या बदलने की तैयारी की जा रही है।