डीग पुलिस ने 3 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. डीएसटी टीम ने ‘ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत बदमाशों को धर-दबोचा. ये ठग कभी ऑनलाइन शॉपिंग तो कभी दुर्घटना की बात कहकर लोगों से पैसे ऐंठते थे. पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि मुख्य तौर पर इनके 2 पैंतरे थे. पुलिस ने करतार पुत्र ओमवीर सिंह (26), शांतनु (30) और राजेन्द्र (38) गिरफ्तार किया है. पड़ताल में सामने आया कि कई बार आरोपी सोशल मीडिया से लोगों की निजी जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बनाते थे. आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है.
साड़ी-सूट बेचने के नाम पर ठगी
पहला, सोशल मीडिया पर सूट-साड़ी बेचने के वीडियो अपलोड कर सस्ते दामों का लालच देते थे. ऑर्डर के नाम पर एडवांस पेमेंट लेकर नंबर बंद कर देते थे. आरोपी लोगों को कॉल करके खुद को रिश्तेदार या परिचित बताते और फिर ‘एक्सीडेंट हो गया' या ‘अस्पताल में भर्ती हूं' जैसे बहाने बनाते थे. लोग उनके झांसे में आ जाते और परिचित की इमरजेंसी को देखते हुए ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कर देते थे.
मोबाइल, फर्जी सिम, एटीएम भी बरामद
डीग पुलिस को आरोपियों के बारे में मुखबिर से सूचना मिली थी. टीम लगातार साइबर ठगों की लोकेशन ट्रेस कर रही थी. सटीक सूचना पर घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया गया. आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 8 फर्जी सिम, 5 एटीएम कार्ड और 25 हजार रुपये कैश बरामद किए गए हैं.
एसपी की जरूरी अपील
एसपी शरण कांबले ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर सस्ते सामान के लालच में न आएं. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. इमरजेंसी के नाम पर पैसा मांगने वाले कॉल को पहले अपने स्तर पर वेरिफाई जरूर करें.
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