राजस्थान के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल, जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में एक बड़ी लापरवाही की घटना सामने आई है. वहां एक महिला के सिर पर चलता हुआ पंखा गिर गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. महिला के परिजनों का आरोप है कि इससे भी बड़ी लापरवाही यह रही कि हॉस्पिटल में ही हादसा होने के बावजूद आधे घंटे बाद एंबुलेंस आई और महिला को इलाज के लिए भेजा जा सका. इस बीच उसके सिर से खून निकलता रहा. ट्रॉमा सेंटर पहुंचाए जाने के बाद महिला के सिर पर कम-से-कम 12 टांके लगाए गए.
क्या है पूरी घटना, कैसे गिरा पंखा
घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार घायल महिला रेणु हॉस्पिटल में भर्ती अपनी बहन संतोष को देखने आई थी जिसके कान का ऑपरेशन हुआ था. संतोष SMS अस्पताल के चरक वार्ड में भर्ती थी. करौली की रहनेवाली रेणु अपनी बन का हालचाल जानने आई थी और उस बेड के पास एक टेबल पर बैठी थी जिसपर उसकी बहन ऑपरेशन के बाद लेटी थी.
वह वहां बातचीत कर ही रही थी कि अचानक वॉर्ड की छत पर चल रहा पंखा नीचे गिरा. वह सीधे रेणु के सिर पर गिरा जिससे उससे सिर से खून बहने लगा. इसके बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई. महिला की हालत देख वार्ड में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए संदेश भेजा. लेकिन परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस आने में देर हुई और महिला लगभग आधे घंटे तक दर्द से बुरी तरह परेशान रही.
बहन की बगल में ही बेड पर हुई भर्ती
एंबुलेंस आने के बाद घायल महिला को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया जहां उसके सिर में कम-से-कम 12 टांके लगे. इसके बाद महिला को वापस चरक भवन भेज दिया गया जहां उसे भी अपनी मरीज बहन के पास एक बेड पर शिफ्ट कर दिया गया. इस हादसे के बारे में आधिकारिक तौर पर किसी ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन इतने बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की दुर्घटना होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है.
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