ACB Action In Chittorgarh: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ राजस्थान एसीबी (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई उदयपुर एसीबी स्पेशल यूनिट की टीम द्वारा की गई.
हिंदुस्तान जिंक चंदेरिया में कार्यरत एल एंड टी कंपनी का एक कर्मचारी अगस्त 2025 में ड्यूटी के दौरान अचानक लकवाग्रस्त हो गया था. पीड़ित कर्मचारी के मेडिकल बिलों का भुगतान करने और उसकी मेडिकल लीव की राशि मंजूर करने के बदले में शाखा प्रबंधक संदीपा वोहरा लगातार रिश्वत की मांग कर रही थीं. उन्होंने इस काम के लिए पीड़ित के परिजनों और कंपनी के एचआर मैनेजर पर भारी दबाव बनाया हुआ था.
पहले भी ले चुकी हैं 40 हजार रुपये
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी प्रबंधक का भ्रष्टाचार यहीं नहीं रुका था. इससे पहले भी वह इसी तरह के कई मामलों में कंपनी के एचआर मैनेजर और पीड़ित परिवार को धमकाकर कुल 40 हजार रुपये की रिश्वत वसूल चुकी थीं. बार-बार हो रही अवैध वसूली से परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी की शरण ली.
ऐसे बिछाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई. 29 मई को पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण डांगी ने रिश्वत की मांग का सत्यापन किया, जिसमें आरोपिया ने 10 हजार रुपये की राशि तय की. शनिवार को जैसे ही संदीपा वोहरा ने अपने कार्यालय चैंबर में परिवादी से रिश्वत के 10 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उन्हें तुरंत दबोच लिया.
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