Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं की अग्रणी भूमिका रही है. महात्मा गांधी सरदार पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे विधिवेत्ताओं की दूरदर्शिता से भारत को विश्व का सबसे विस्तृत और जीवंत संविधान मिला. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज की आत्मा की आवाज होते हैं और शोषितों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का स्वर्णिम सफर
मुख्यमंत्री जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण और स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि साढ़े तीन हजार से अधिक अधिवक्ताओं की यह संस्था शक्ति और एकता का प्रतीक है. पचास वर्षों में इस संस्था ने न्याय सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है.
लोकतंत्र के प्रहरी हैं अधिवक्ता
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता केवल पेशेवर नहीं बल्कि मौलिक अधिकारों के रक्षक हैं. उनकी तर्कशक्ति ज्ञान और प्रतिबद्धता न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है. लोकतंत्र तभी सशक्त बनता है जब जनता का भरोसा न्याय प्रणाली पर कायम रहे.
तीन नए कानूनों का तेज क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को राजस्थान में तेजी से लागू किया जा रहा है. राज्य सरकार त्वरित न्याय को प्राथमिकता दे रही है क्योंकि न्याय में देरी न्याय से इनकार के समान है.
42 नए न्यायालयों की स्थापना
सरकार ने न्यायपालिका को मजबूत करने 42 नए न्यायालय स्थापित किए हैं. आठ नए जिला एवं सेशन न्यायालय बनाए गए हैं. कई स्थानों पर विशेष पॉक्सो अदालतें और एनआई एक्ट न्यायालय शुरू किए गए हैं जिससे मामलों का तेजी से निपटान होगा.
ई कोर्ट और फास्ट ट्रैक पर जोर
राजस्थान में ई कोर्ट सुविधाओं का विस्तार हो रहा है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऑनलाइन फाइलिंग और ई पेमेंट से लोगों को सुविधा मिल रही है. फास्ट ट्रैक कोर्ट लोक अदालतें और निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाएं आमजन को राहत दे रही हैं.
यह भी पढ़ें- जयपुर में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर धमाका, झारखंड निवासी युवक की मौत; मैनेजर समेत 2 घायल