Rajasthan: जौनापुरिया के बाद अब कांग्रेस ने बुलाया महिलाओं को कंबल देने, वहां हो गई दूसरी कहानी

राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से बीजेपी के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया के एक कंबल वितरण कार्यक्रम में हुए विवाद के बीच अब कांग्रेस के एक कंबल वितरण कार्यक्रम की चर्चा हो रही है.

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टोंक में पटेल सर्किल पर कंबल लेने के लिए पहुंची महिलाएं
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राजस्थान के टोंक जिले में दो दिनों से एक कंबल वितरण कार्यक्रम में पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के व्यवहार की बड़ी चर्चा हो रही है. रविवार, 22 फरवरी को निवाई तहसील के करेड़ा गांव में एक कंबल वितरण कार्यक्रम में जौनापुरिया ने मुस्लिम महिलाओं से नाम पूछा और उसके बाद ये कहते हुए कंबल वापस ले लिया कि जो लोग प्रधानमंत्री मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का अधिकार नहीं है.  इस वीडियो के वायरल होने के बाद काफी विवाद हुआ जिसके बाद उन्हें सफाई भी देनी पड़ी. जौनापुरिया के इस बर्ताव पर कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं ने आलोचना करते हुए बयान दिए थे जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल थे. जौनापुरिया के संसदीय क्षेत्र रहे सवाई माधोपुर के वर्तमान सांसद हरीश चंद्र मीना ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने और पूर्व सांसद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. लेकिन इन्हीं विवाद के बीच टोंक में ही कांग्रेस के एक कंबल वितरण कार्यक्रम में एक अलग ही तरह की घटना हो गई.

कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति
Photo Credit: Rajasthan Congress

कांग्रेस ने रखा कंबल वितरण कार्यक्रम

कांग्रेस पार्टी ने टोंक में पटेल सर्किल पर आज, 24 फरवरी को, मंगलवार की सुबह एक कंबल वितरण कार्यक्रम रखा था. वहां राजस्थान अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एम.डी. चोपदार के नेतृत्व में सर्व समाज की महिलाओं को कंबल बांटने का कार्यक्रम रखा गया था. टोंक के अल्पसंख्यक नेताओ ने इस बारे में एक प्रेस नोट जारी किया था. खुद चोपदार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर आज सुबह 11 बजे पटेल सर्किल पर कंबल बांटने का एलान किया था.

यह सूचना मिलने के बाद बहुत सारी महिलाएं आज कंबल लेने के लिए पटेल सर्किल पर पहुंच गईं. लेकिन वहां देर तक रहने के बाद भी उन्हें ऐसा कोई कंबल वितरण कार्यक्रम नहीं मिला. ना ही वहां इसकी सूचना देने के लिए कोई मौजूद था. बाद में जानकारी मिली की कांग्रेस नेताओं ने कार्यक्रम का स्थल बदल दिया था और पार्टी ने टोंक की जगह कुरेडा बुजुर्ग गांव जाकर कंबल बांटने का निर्णय लिया.

इस बात की जानकारी मिलने से कंबल मिलने की आस लेकर आई महिलाएं निराश हो गईं. इनमें से कई महिलाओं ने कहा कि उन्होंन कंबल मिलने की उम्मीद में काम से छुट्टी ले ली थी जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ और कंबल भी नहीं मिला.

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