राजस्थान की सियासत कृषि विभाग के कर्मचारी से मारपीट के बाद गरमा गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घटना की वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी हो रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कृषि विभाग की छापेमारी टीम के सदस्य ही कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे, तो फिर कार्रवाई का मतलब क्या रह जाएगा है?
डोटासरा बोले- पहले छापा और फिर सेटिंग...
पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि अगर कृषि विभाग की छापेमारी टीम के सदस्य ही कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे, तो फिर कार्रवाई का मतलब क्या रह जाएगा है? पहले छापा और फिर सेटिंग, आखिर ये कैसी व्यवस्था है. जहां कार्रवाई के नाम पर डर दिखाओ और फिर सौदेबाज़ी कर मोटी रकम वसूलने निकल पड़ो? उन्होंने किरोड़ी लाल मीणा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कृषि मंत्रीजी, जनता जवाब चाहती है. इस भ्रष्टाचार पर न आपका बयान आया, और न ही ब्लैकमेलिंग व उगाही करने वाले इस अधिकारी पर कोई कार्रवाई हुई?
छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) June 6, 2026
मतलब जो कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बनकर घूमें, बाद में वही उगाही करें?
अगर कृषि विभाग की छापेमारी टीम के सदस्य ही कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे, तो फिर कार्रवाई का मतलब क्या रह जाएगा है?
पहले छापा और फिर सेटिंग.. आखिर ये कैसी व्यवस्था है,… pic.twitter.com/RGaRCww37l
26 मई की कार्रवाई से जुड़ा है मामला
दरअसल, कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने 26 मई को सीकर और गोविंदगढ़ के रीको क्षेत्र में बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर औचक निरीक्षण किया. वहां पर भारी मात्रा में फंगस लगे मूंगफली का नकली बीज जब्त किया गया. कृषि मंत्री ने बताया, "कार्यवाही के बाद भी नकली बीज बिकने की सूचना पर डिकॉय टीम के दो कार्मिक संदीप व रजनीश किसान बनकर अन्य जानकारी जुटाने में लग गई. बीज व्यापारी को शक होने पर उसने साजिश के तहत टीम को एक लोकेशन पर बुलाया और बुलाकर पैसे मांगने का झूठा आरोप लगाकर 20-25 लोगों के साथ मिलकर डिकॉय टीम के साथ मारपीट की." उन्होंने बताया कि बीज आरोपी के सभी आरोप झूठे और तथ्यहीन पाए गए हैं.
किरोड़ी लाल मीणा का पलटवार
गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि झूठे आरोप लगाकर किसानों की लड़ाई को कमजोर नहीं किया जा सकता. अगर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाए तो पद छोड़ दूंगा. लेकिन किसानों के हितों से समझौता कभी नहीं होगा. वहीं, अब मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस ने कृषि मंत्री से जांच करवाने की मांग की है. कांग्रेस के मुताबिक, अधिकारी ने कार्रवाई का डर दिखाया और 20 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है.
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