Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर जिले की तीर्थ नगरी पुष्कर में चैत्र नवरात्रि के दौरान एक अनोखा आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिल रहा है. जहां मूल रूप से रूस की रहने वाली योग साधिका योगी अन्नपूर्णा नाथ यहां कठिन खड़ेश्वरी तपस्या कर रही हैं. उनकी यह साधना पुष्कर झील के जयपुर घाट पर चल रही है, जहां श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में उन्हें देखने पहुंच रहे हैं.
बिना सोए लगातार खड़े रहकर कर रहीं साधना
योगी अन्नपूर्णा नाथ ने 19 मार्च को चैत्र नवरात्रि की घट स्थापना के साथ इस तपस्या की शुरुआत की. उनके गुरु बाल योगी दीपक नाथ रमते राम के मार्गदर्शन में यह साधना की जा रही है. यह तपस्या 28 मार्च तक लगातार चलेगी. खास बात यह है कि इस दौरान वह बिना सोए और बिना विश्राम के लगातार खड़े रहकर साधना कर रही हैं, जिसे खड़ेश्वरी तपस्या कहा जाता है.
दिन में एक बार फलाहार, पूरी श्रद्धा से तप
गुरु बाल योगी दीपक नाथ के अनुसार अन्नपूर्णा नाथ पूरे दिन में केवल एक बार फलाहार लेती हैं. यह साधना कठिन अनुशासन, संयम और आस्था का अद्भुत उदाहरण है. नौ दिनों तक चलने वाली इस तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जयपुर घाट पहुंच रहे हैं.
17 साल पहले अपनाया नाथ संप्रदाय
बताया गया है कि रूस की इस साधिका ने करीब 17 साल पहले नाथ संप्रदाय को अपनाया था. उन्होंने अपने गुरु शुक्र नाथ योगी से दीक्षा ली थी. इसके बाद करीब साढ़े तीन साल पहले वह बाल योगी दीपक नाथ के संपर्क में आईं और उनसे आगे की आध्यात्मिक दीक्षा प्राप्त की.
28 मार्च को होगा भंडारा
इस कठिन तपस्या की पूर्णाहुति 28 मार्च को होगी. इस अवसर पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. सात समंदर पार से आई यह विदेशी साधिका भारतीय सनातन परंपरा के प्रति गहरी आस्था का संदेश दे रही हैं.
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