अजमेर: मूंगफली पर रंग चढ़ाकर दिया जा रहा काजू-बादाम का रूप, सोहन हलवा फैक्ट्री को देखकर टीम के उड़े होश

राजस्थान के अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी सोहन हलवा बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ा खुलासा किया है. मूंगफली को बादाम-पिस्ता बताकर सजाया जा रहा था और खतरनाक रंगों का इस्तेमाल हो रहा था.

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Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोहन हलवा बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारा. यह फैक्ट्री “गायत्री सोहन हलवे” के नाम से संचालित हो रही थी. जांच में सामने आया कि यहां उपभोक्ताओं की सेहत से खुला खिलवाड़ किया जा रहा था.

संदिग्ध सामग्री से हो रहा था निर्माण

खाद्य सुरक्षा अधिकारी केसरी नंदन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सोहन हलवा बनाने में बेसन और मैदा का भारी मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा था. इसके साथ ही बिना किसी ब्रांड नाम और गुणवत्ता जानकारी वाला तेल प्रयोग में लिया जा रहा था. तेल की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभाग ने सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे हैं.

मूंगफली को बनाया काजू-बादाम

कार्रवाई के दौरान सबसे गंभीर खुलासा सजावट को लेकर हुआ. फैक्ट्री संचालक श्रवण कुमार द्वारा मूंगफली पर कृत्रिम रंग चढ़ाकर उसे काजू और बादाम जैसा दिखाया जा रहा था. यही रंगी हुई मूंगफली सोहन हलवे की सजावट में इस्तेमाल की जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार यह उपभोक्ताओं के साथ सीधी धोखाधड़ी है.

खतरनाक रंग से सेहत को खतरा

जांच में यह भी सामने आया कि मूंगफली पर लगाए जा रहे रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं. ऐसे रंगों के सेवन से एलर्जी पेट की समस्या और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है. विभाग ने इस पहलू को बेहद गंभीर मानते हुए जांच में शामिल किया है.

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भारी मात्रा में सामग्री जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से करीब 200 किलो मैदा 100 किलो बेसन तेल के पीपे रंगी हुई मूंगफली और अन्य कच्चा माल जब्त कर लिया. फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया है. सैंपल रिपोर्ट आने तक जब्त सामग्री सुरक्षित रखी जाएगी.

तबर्रुक और बाजार की वजह से बढ़ी चिंता

अधिकारियों ने बताया कि अजमेर दरगाह में तबर्रुक के रूप में सोहन हलवा बड़ी संख्या में वितरित किया जाता है. इसके अलावा शहर के बाजारों में भी रोजाना भारी मात्रा में इसकी बिक्री होती है. ऐसे में इस तरह की मिलावट आम लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी.

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आगे भी जारी रहेगी जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही अन्य हलवा इकाइयों की भी जांच तेज की जाएगी ताकि मिलावट पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.

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