Rajasthan News: राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर थाना क्षेत्र के नगला तेहरिया गांव में फर्जी एसओजी अधिकारियों का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बीती दो फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे एक बोलेरो गाड़ी में सवार आधा दर्जन लोग गांव पहुंचे. उन्होंने खुद को एसओजी का अधिकारी और कर्मचारी बताते हुए सीधे एक व्यक्ति के घर में घुसपैठ की.
बिना पूछताछ के शुरू की मारपीट
पीड़ित गजेन्द्र सिंह पुत्र जगदीश प्रसाद ने बताया कि आरोपियों ने किसी भी तरह की पूछताछ नहीं की. घर में घुसते ही लात-घूसों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान गजेन्द्र सिंह के हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं और दायां हाथ टूट गया. आरोपी लगातार धमकाते रहे कि अगर पैसे नहीं दिए तो जेल भेज देंगे.
70 हजार की मांग 25 हजार की वसूली
मारपीट के दौरान फर्जी एसओजी अधिकारियों ने 70 हजार रुपये की मांग की. साथ ही डर और जान के खतरे के चलते पीड़ित ने किसी तरह 25 हजार रुपये दे दिए. इसके बाद आरोपी खुद ही उसे इलाज के बहाने अस्पताल लेकर गए ताकि शक न हो सकें.

सच्चाई सामने आने पर बढ़ा मामला
घटना के अगले दिन पीड़ित ने सेवर थाना और भरतपुर एसओजी कार्यालय में जानकारी ली. तब पता चला कि इस नाम और हुलिए के कोई भी अधिकारी वहां तैनात नहीं हैं. इसके बाद स्पष्ट हुआ कि मारपीट और वसूली करने वाले लोग पूरी तरह फर्जी थे.
पुराने सट्टे के काम से जुड़ा विवाद
पीड़ित ने बताया कि वह पहले सट्टे के काम से जुड़ा था लेकिन भारतीय न्याय संहिता बीएनएस में सजा का प्रावधान सख्त होने के बाद उसने यह काम छोड़ दिया. जिन लोगों के साथ वह पहले काम करता था वही लोग उसे दोबारा सट्टा शुरू करने का दबाव बना रहे थे.
मना करने पर रची गई साजिश
गजेन्द्र सिंह का आरोप है कि जब उसने साफ मना कर दिया तो उन्हीं लोगों ने फर्जी एसओजी अधिकारी बनकर यह साजिश रची. मारपीट कर पैसे वसूले गए ताकि डर बनाकर उसे दोबारा अवैध काम में धकेला जा सके.
पुलिस बोली- आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी
इस मामले में सजा का प्रावधान अधिक होने के चलते उसने यह काम कर दिया. जिस व्यक्ति के साथ मिलकर वह सट्टे का काम करता था, वहीं व्यक्ति उसे दोबारा इस काम को करने के प्रेशर बना रहे हैं. मैंने इस काम को दोबारा करने से मना किया तो उन्होंने ही फर्जी एसओजी अधिकारी बनकर मारपीट की है. सेवर थाना प्रभारी सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है, हम लोग आरोपियों की तलाश में जुटे हुए हैं. उनके ठिकानों पर भी दबिश दी गई. लेकिन वह पुलिस की सूचना प्राप्त करते ही मौके से भाग गए. पुलिस जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लेगी.
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