Sadhvi Prem Baisa Death Reason: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत कैसे हुई है, इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है. न पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति साफ हुई है, न ही पुलिस की जांच में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की वजह का पता चल पाया है. हर दिन साध्वी की मौत की जांच के बीच नई-नई बात सामने आ रही है. साध्वी के मौत के समय, इंजेक्शन पर उठ रहे सवाल और वायरल वीडियो का मौत से लिंक, हर एंगल से पुलिस की जांच चल रही है, पर अभी तक मौत की गुत्थी सुलझती दिखाई नहीं दे रही है. इसी बीच साध्वी प्रेम बाईसा के पिता का बयान और एफआईआर में मौत के समय ने जांच को और उलझा दिया है.
बयान और FIR के तथ्य में बड़ा अंतर
कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत को लेकर कंपाउंडर देवी सिंह, पिता वीरमनाथ के बयान और FIR में दर्ज तथ्यों के बीच बड़ा अंतर पाया गया है. साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरम नाथ ने मोर्चरी में बताया था कि इंजेक्शन लगाए जाने के महज 5 मिनट के भीतर साध्वी की मौत हो गई. वहीं, FIR में यह दर्ज करवाया गया कि 9 मिनट बाद तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हुई. इसके उलट, मीडिया से बातचीत में भी बीरम नाथ ने दोहराया कि इंजेक्शन के 5 मिनट के अंदर ही मौत हो गई थी.
कंपाउंडर ने साध्वी की मौत पर क्या कहा?
उधर, साध्वी को इंजेक्शन देने वाले कंपाउंडर का बयान इन दावों से मेल नहीं खाता. कंपाउंडर देवी सिंह के अनुसार, आश्रम से निकलने के 20 से 25 मिनट बाद उसे फोन आया, जिसमें बताया गया कि बाईसा की तबीयत अत्यधिक खराब है. इससे पहले कंपाउंडर ने स्वीकार किया था कि उसने साध्वी को दो इंजेक्शन डेक्सोना और डायनापार दिए थे. इसके अलावा कोई अन्य दवा नहीं दी गई. आश्रम के पास रहने वाले क्षेत्रवासी रुद्र प्रतापसिंह राजपुरोहित ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि प्रेम बाईसा के पिता ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार किया था. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरे हटाए गए, जबकि घर के बाहर कैमरे लगे होने के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं.
विरोधाभास बयानों ने जांच को उलझाया
उन्होंने मौत के समय को लेकर बदलते बयानों पर भी सवाल उठाए. पहले कुछ सेकंड में मौत, फिर कुछ मिनटों में मौत की बात कही गई. इन परस्पर विरोधी बयानों और आरोपों के चलते साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला और उलझता जा रहा है. जांच एजेंसियां अब टाइमिंग, मेडिकल प्रक्रियाओं और बयानों की सत्यता की गहन पड़ताल में जुटी हैं. वहीं, मंगलवार को प्रेक्षा अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार जैन पहली बार मीडिया के सामने आए. उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले छह महीनों से उन्होंने साध्वी प्रेम बाईसा का कोई चेकअप नहीं किया था और न ही किसी प्रकार की दवा की पर्ची लिखी थी.
प्रेक्षा अस्पताल के डॉक्टर पहली बार बोले
डॉक्टर जैन के अनुसार, घटना वाले दिन साध्वी को अस्पताल में कॉलेप्स स्थिति में लाया गया था. पुलिस द्वारा उनसे पूछताछ की गई है और उन्होंने एक-एक तथ्य से पुलिस को अवगत करा दिया है. डॉक्टर ने यह भी कहा कि उनके द्वारा किसी भी तरह का इंजेक्शन या दवा सजेस्ट नहीं की गई थी. साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच कर रही एसआईटी की छवि शर्मा ने अब तक 10–11 से अधिक लोगों से पूछताछ की है. अलग-अलग व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है. साध्वी की तबीयत बिगड़ने के बाद जिस अस्पताल में उन्हें ले जाया गया था, वहां भी गहन जांच-पड़ताल की गई है.
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