अनु मीणा की आत्महत्या केस में आरोपी गौतम मीणा फरार बताया जा रहा है. 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है. घटना (7 अप्रैल) के करीब 38 दिन बाद 15 मई को अनु के भाई नीरज ने पुलिस को शिकायत दी थी. मामले में पीड़ित परिवार के बयान भी दर्ज हो गए हैं, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गौतम मीणा पुलिस की जांच से बचने का रास्ता ढूंढ रहा है. गिरफ्तारी के डर से उसने न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका भी लगाई है.
घटना के बाद से ही गायब है गौतम
एनडीटीवी की टीम जब आरोपी गौतम मीणा के मानसरोवर स्थित निवास पर पहुंची तो वहां ताला लगा था. पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि घटना वाले दिन के बाद से ही घर पर कोई नहीं आया है. घर के बाहर पड़े हुए पुराने अखबार और गंदगी भी इस बात की गवाही दे रहे हैं. पड़ोसियों के मुताबिक, 7 अप्रैल के बाद से ही घर लॉक है. उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है.
फरार इंजीनियर की तलाश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसीपी मानसरोवर आदित्य कांकड़े को सौंपी गई है. उन्होंने बताया कि हमने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर लिए हैं. फोन से मिले सभी वीडियो को भी खंगाला जा रहा है. आरोपी से पूछताछ के बाद से पूरे मामले का खुलासा हो सकता है.
वहीं, डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने आरोपी गौतम मीणा के फरार होने की पुष्टि की है. उन्होंने जानकारी दी, "हमारी टीम उसकी तलाश में जुटी है. जल्द ही उसका पता लगाकर पूछताछ की जाएगी. कानूनी प्रावधानों के तहत आगे जांच को बढ़ाया जाएगा."
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