Army Day 2026: जयपुर में कदमताल करेगा सेना का 'संजय', क्या है भैरव बटालियन का वो राज जिससे कांप रहे दुश्मन?

पहली बार कैंटोनमेंट से बाहर जयपुर के महल रोड पर कदमताल करेगी भारतीय सेना. जानें, 'भैरव बटालियन' और 'रोबोटिक डॉग' संजय कैसे बदल देंगे युद्ध का भविष्य.

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संजय रोबोट और भैरव बटालियन: जयपुर में दिखेगी भारतीय सेना की वो ताकत, जिससे कांप उठेगा दुश्मन
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Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस बार सेना दिवस (Army Day 2026) पर कुछ ऐसा होने जा रहा है जिसे देख दुनिया दंग रह जाएगी. महल रोड पर होने वाली राष्ट्रीय परेड में भारतीय सेना का 'संजय' कदमताल करेगा. 'संजय' कोई साधारण योद्धा नहीं, बल्कि एक ऐसा रोबोटिक म्यूल (Robotic Mule) है जो किसी वफादार डॉग की तरह दिखता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर पलक झपकते ही दुश्मन का काल बन सकता है.

रोबोट 'संजय' की 5 बड़ी खूबियां 

भारतीय सेना का यह 'संजय' रोबोट कई मायनों में खास है और राजस्थान के राजनीतिक गलियारों से लेकर डिफेंस एक्सपर्ट्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

हर मौसम का साथी
यह रोबोट -40 डिग्री की जमा देने वाली ठंड से लेकर +55 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी में भी सीना तानकर खड़ा रहता है.

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रफ्तार और ताकत
यह 15 किलो वजन उठाकर 10 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार से दौड़ सकता है और ऊबड़-खाबड़ रास्तों या सीढ़ियों पर आसानी से चढ़ सकता है.

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दुश्मन का काल
इसमें लगे हाइटेक कैमरे कमरे में छिपे दुश्मन की सटीक पोजीशन बताते हैं. सबसे खास बात यह है कि जरूरत पड़ने पर 'संजय' खुद फायर (Fire) भी कर सकता है.

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जवानों का सुरक्षा कवच
खतरनाक ऑपरेशन्स में जहां जवानों की जान को खतरा हो, वहां 'संजय' को आगे भेजा जाएगा. यह विस्फोटक (IED) का पता लगाने और उसे डिफ्यूज करने में माहिर है.

परमाणु युद्ध में भी सक्षम
यह रासायनिक और परमाणु युद्ध (CBRN) जैसे खतरों के बीच भी खुफिया जानकारी जुटा सकता है.

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पहली बार दुनिया के सामने आएगी 'भैरव बटालियन'

इस परेड का सबसे बड़ा सस्पेंस भैरव बटालियन (Bhairav Battalion) है, जो पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई देगी. सेना के हालिया पुनर्गठन (Restructuring) के तहत तैयार की गई यह यूनिट सामान्य इन्फैंट्री और पैरा स्पेशल फोर्सेज के बीच की एक बेहद घातक कड़ी है. 

क्यों है खास
इस बटालियन को आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए बनाया गया है. इसमें शामिल हर जवान ड्रोन ऑपरेट करने और 'मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस' में माहिर है.

ऑपरेशन सिंदूर का अनुभव
वैश्विक संघर्षों और भारत के अपने 'ऑपरेशन सिंदूर' से मिले कड़वे सबक के बाद इस यूनिट को तैयार किया गया है. यह बटालियन दुश्मन के घर में घुसकर सटीक और त्वरित हमले (Precision Strikes) करने के लिए जानी जाएगी.

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तकनीकी योद्धा
भैरव बटालियन के पास अपने खुद के 'कामीकाज़े ड्रोन' (Kamikaze Drones) और मानव-रहित सिस्टम होंगे, जो युद्ध के मैदान में जवानों के रिस्क को कम करेंगे और दुश्मन का सफाया सुनिश्चित करेंगे.

वेटरन्स का सम्मान और 'शौर्य संध्या'

आज 14 जनवरी को वेटरन्स डे (Veterans Day 2026) के मौके पर जयपुर मिलिट्री स्टेशन के पोलो ग्राउंड में गौरव सेनानियों का सम्मान किया गया है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और आवा (AWWA) अध्यक्ष सुनीता द्विवेदी ने वीर नारियों और वेटरन्स को सम्मानित कर उन्हें स्कूटियां भेंट की हैं. लेकिन असली रोमांच कल यानी 15 जनवरी को Army Day 2026 पर दिखेगा, जब राजस्थान की जनता इस महाशक्ति प्रदर्शन की गवाह बनेगी.

इस साल की परेड तकनीकी रूप से भारत की सबसे उन्नत परेड मानी जा रही है. इसमें 'Operation Sindoor' की सफलता को भी विशेष रूप से दर्शाया जाएगा. याद दिला दें कि पिछले साल हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की 'ऑफेंसिव डिफेंस' नीति को पूरी दुनिया में स्थापित किया था.

परेड के मुख्य आकर्षण

जयपुर में कल महल रोड पर सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहेगा. कल होने जा रही परेड में स्वदेशी अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का भी प्रदर्शन होगा. शाम को एसएमएस स्टेडियम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में होने वाली 'शौर्य संध्या' इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगी.

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