Jaipur News: राजस्थान को क्रिकेट की दुनिया में सिरमौर बनाने वाला 'ड्रीम प्रोजेक्ट' क्या अब सिर्फ राजनीति की भेंट चढ़कर रह जाएगा? जयपुर के चौंप में बन रहे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का काम जिस तरह से अटका पड़ा है, उसने एक बड़े सियासी विवाद को जन्म दे दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे लेकर वर्तमान भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है.
गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतज़ारशास्त्र' का छठा चैप्टर (Intezaarshastra Chapter 6) शनिवार दोपहर जारी करते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि क्या भाजपा को राजस्थान का नाम चमकना पसंद नहीं है?
24 महीने की डेडलाइन, 36 महीने बीते
अशोक गहलोत ने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की नींव रखी गई थी. 5 फरवरी 2022 को इसका भव्य शिलान्यास हुआ था. तय योजना के मुताबिक, 24 महीने के भीतर यानी फरवरी 2024 तक इसके पहले फेज का काम पूरा होना था. लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है.
इंतज़ारशास्त्र: चैप्टर 6
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) March 28, 2026
खेल-विरोधी सोच ने डुबोया राजस्थान का नाम!
जयपुर के चौंप में बनने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम आज भाजपा सरकार की लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। कांग्रेस सरकार ने राजस्थान का मान बढ़ाने के लिए इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की… pic.twitter.com/oT4KUOcfnS
करोड़ों का नुकसान, जनता उठा रही खामियाजा
निर्माण शुरू हुए 36 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन प्रोजेक्ट आज भी अधर में है. गहलोत ने चिंता जताते हुए कहा कि काम में हो रही इस भारी देरी से निर्माण लागत (Construction Cost) लगातार बढ़ रही है. और अंततः इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ का खामियाजा राजस्थान की आम जनता और खेल प्रेमियों को ही उठाना पड़ेगा.
खेल-विरोधी सोच या राजनीतिक द्वेष?
पूर्व सीएम ने सीधे तौर पर इसे भाजपा सरकार की 'खेल-विरोधी सोच' और 'राजनीतिक द्वेष' का नतीजा बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की मौजूदा सरकार न केवल स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं की अनदेखी कर रही है, बल्कि खेल सुविधाओं को लेकर भी उनकी भारी अरुचि साफ नजर आ रही है. गहलोत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पिछले सवा दो साल में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की भी दुर्गति हो गई है. हालत यह है कि चुनाव कराकर अब तक एक नया अध्यक्ष तक नहीं बनाया जा सका है।.
75 हजार दर्शकों की थी क्षमता
बता दें कि जयपुर में आरसीए के पास अपना खुद का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं था. इसी कमी को दूर करने के लिए चौंप में यह मेगा प्रोजेक्ट शुरू किया गया था. पहले फेज में इसकी क्षमता 45 हजार दर्शकों की तय की गई थी, जिसे दूसरे फेज में बढ़ाकर 75 हजार किया जाना था. अगर यह समय पर पूरा होता, तो यह देश का दूसरा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम होता.
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