अशोक गहलोत ने पेपर लीक मामले में SIT के समर्थन में कही ये बात, सांसदों के निष्कासन पर कहा- देश के लिए चिंता का विषय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए कई मुद्दों पर अपना बयान दिया है. गहलोत ने नई सरकार से पुरानी सरकार की योजनाओं पर उम्मीद जतायी और SIT गठन पर बड़ी बात कही है.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत

Rajasthan News: राजस्थान में 16वीं विधानसभा का पहला सत्र आयोजित किया गया है. जो महज दो दिनों के लिए होगा. इस सत्र में सबसे अहम काम यह है कि प्रदेश के सभी दलों के 199 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने विधायकों को शपथ दिलाया है. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा में शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए कई मुद्दों पर अपना बयान दिया है. गहलोत ने नई सरकार से पुरानी सरकार की योजनाओं पर उम्मीद जतायी और SIT गठन पर बड़ी बात कही है.

अशोक गहलोत ने SIT का किया समर्थन

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान की नई भजन लाल शर्मा की सरकार से उम्मीद जताई है कि नई सरकार हमारी जो शानदार योजनाएं थी उसे आगे बढ़ाएंगे और उसे मजबूत करेंगे. चाहे वह चिरंजीवी योजना हो या  OPS (Old Pension Scheme) सभी को लागू करेंगे.

Advertisement

वहीं, पेपर लीक मामले में SIT गठन को लेकर अशोक गहलोत से पूछा गया तो

उन्होंने कहा कि उससे कोई दिक्कत नहीं है वह उनका काम है, हम अपना काम करेंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात है कि SIT का गठन किया गया है. अगर कोई कमेटी बने और सच्चाई सामने आए हम इसका स्वागत करेंगे.

यह भी पढ़ेंः रामगढ़ विधायक ज़ुबैर खान ने ली संस्कृत में शपथ, प्रोटेम स्पीकर ने कोलायत विधायक को राजस्थानी में शपथ लेने से रोका

Advertisement

गहलोत ने सांसदों के निष्कासन पर दिया जवाब

अशोक गहलोत को INDIA गठबंधन के ऑल इंडिया कमेटी में शामिल किया गया है. इस पर उन्होंने कहा कि मीटिंग अच्छी हुई है. देश को इंडिया गठबंधन का वेलकम करना चाहिए. तमाम पार्टियां एक साथ बैठी है. इंडिया गठबंधन का मजबूत होना देश हित में है. उन्होंने कहा, जो हालात देश के अंदर बन गई है.. हाउस से 150 सांसदों को निष्कासित किया गया है. ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ. ये देश की नागरिकों के लिए चिंता का विषय है. अगर वह चिंता नहीं करेंगे तो वह दुख पाएंगे. फिर लोकतंत्र कहां रह जाएगा.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः शपथ लेने के बाद गोविन्द सिंह डोटासरा ने सदन में ऐसा क्या कहा कि विधानसभा में हंगामा हो गया

Topics mentioned in this article