राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कोटा रवाना होने से पहले एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा. केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गहलोत ने कहा कि कई पेपर लीक हुए हैं और सरकार को मैसेज देने के लिए राहुल गांधी ने कोटा से अपने अभियान की शुरुआत तय की है. गहलोत ने तो यहां तक कह दिया कि प्रदेश में सरकार नाम की चीज ही नजर नहीं आती. पूर्व सीएम ने आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्नाटक के गृह मंत्री की तरफ से RSS को पत्र लिखा गया है, उसका जवाब RSS को देना चाहिए. RSS और बीजेपी के भवन बन रहे हैं, पैसे कहां से आ रहे हैं? यह भी देश को बताना चाहिए.
जो ऊपर से आ रहा, वही बीजेपी नेता बोल रहे
अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी जो बर्ताव कांग्रेस और विपक्ष के साथ कर रही है, वैसा कांग्रेस ने सत्ता में रहते विपक्ष के साथ कभी नहीं किया गया. गहलोत ने कहा कि बीजेपी के नेता जिस भाषा में बोल रहे हैं, वह उनकी भाषा नहीं है. ऊपर से लिखकर आ रहा है, वही बीजेपी के नेता बोल रहे हैं. नेताओं से जो बुलवाया जा रहा है या जो लिखा जा रहा है, वही आ रहा है.
इंदिरा गांधी को लेकर दिए गए अपने बयान पर गहलोत ने कहा कि उन्होंने सोच-समझकर बात कही थी. गहलोत ने कहा कि बीजेपी खुद को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसके पास बहुत पैसा है और बीजेपी और इसके दूसरे बाकी दलों के बीच बराबरी का मैदान नहीं है. अपने दो दिन पहले के बयान को दोहराते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि कहा कि इंदिरा गांधी होतीं तो ऐसी पार्टी पर चुनाव आयोग बैन लगा देता.
'विभागों के HOD मंत्रियों के फोन नहीं उठाते'
पेपर लीक के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री को चेताया था, लेकिन राजस्थान को टारगेट किया गया. अब ध्यान भटकाने के लिए पेपर लीक का मुद्दा पकड़ रखा है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में गवर्नमेंट नाम की कोई चीज नहीं है. मंत्री छापे मार रहे हैं, एजेंट पकड़े जा रहे हैं, जबकि मंत्रियों के फोन तक विभागों के HOD नहीं उठाते. किरोड़ी लाल मीणा पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने कहा कि उनकी फितरत में ही कटाक्ष करना है और वह अपने मुख्यमंत्री पर भी कटाक्ष करते हैं.
धर्म और राजनीति के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि बीजेपी धर्म के नाम पर देश को पीछे लेकर गई है. देश हिंदू राष्ट्र बन गया है, बस घोषणा बाकी है. दूसरे लोगों को दबा दिया गया है. कभी माइनॉरिटी को दबाओगे, चाहे वो मुस्लिम माइनॉरिटी हो या फिर दूसरी माइनॉरिटी के लोग, सिख या ईसाई. पहली बार देखा, चर्च के अंदर गुंडागर्दी हुई, ऐसे पहले कभी नहीं देखा. इनके हौसले बढ़ेंगे.
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