भीलवाड़ा में 24 खरीद केंद्र शुरू, चना ₹5875 और सरसों ₹6200 पर खरीद; सीधे खाते में आ रहा पैसा

राजस्थान के भीलवाड़ा में समर्थन मूल्य पर खरीद केंद्र खुलने से किसानों को बड़ी राहत मिली है. बाजार से ज्यादा दाम मिलने लगे हैं, जिससे नुकसान झेल रहे किसानों के चेहरे फिर खिल उठे हैं और भुगतान सीधे खाते में पहुंच रहा है.

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राजस्थान के भीलवाड़ा में समर्थन मूल्य पर खरीद केंद्र खुलने से किसानों को बड़ी राहत मिली है

Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा कृषि मंडी में रबी की नई फसलों की आवक तेजी से बढ़ रही है. हालांकि बिन मौसम बारिश और सुंडा रोग ने इस बार किसानों की मेहनत पर असर डाला है और खासतौर पर चने की पैदावार लगभग आधी रह गई. इसके बावजूद अब समर्थन मूल्य पर खरीद केंद्र खुलने से किसानों के चेहरे फिर खिल उठे हैं.

किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि सरकारी केंद्रों पर खुले बाजार की तुलना में करीब 800 रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा दाम मिल रहे हैं. इससे नुकसान की भरपाई की उम्मीद जगी है और किसान अब बिचौलियों के चक्कर से भी बच रहे हैं.

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24 खरीद केंद्र शुरू, सीधे खाते में होगा भुगतान

सहकारिता विभाग के जरिए जिले में 24 समर्थन मूल्य खरीद केंद्र शुरू किए गए हैं. इन केंद्रों पर चना और सरसों की तुलाई शुरू हो चुकी है. सरकार की व्यवस्था के अनुसार किसानों को अब भुगतान के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि सीधे उनके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी.
उप रजिस्ट्रार अरविंद ओझा के अनुसार पिछले साल करीब 8 करोड़ रुपए किसानों को सीधे खातों में भुगतान किए गए थे और इस बार भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है.

क्या है इस साल का समर्थन मूल्य

सरकार ने इस बार चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि सरसों का भाव 6200 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है. इन दरों पर खरीद होने से किसानों को बेहतर मुनाफा मिल रहा है.

कैसे करें रजिस्ट्रेशन और बिक्री

समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए किसानों को पहले ई-मित्र के जरिए ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों के मोबाइल पर तुलाई की तारीख का मैसेज भेजा जाएगा. तय दिन पर किसान को अपने नजदीकी केंद्र पर फसल लेकर पहुंचना होगा, जिसके बाद तुलाई कर भुगतान सीधे खाते में कर दिया जाएगा.

गांव-गांव में बनाए गए खरीद केंद्र

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कई स्थानों पर केंद्र बनाए गए हैं. इनमें अंटाली, भगवानपुरा, महुआ, सुरास, खजूरी, शकरगढ़, संगरिया, ककरोलिया, बछखेड़ा और उदलियास जैसे गांव शामिल हैं, जहां किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकते हैं.

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