भाजपा के 'भीष्म पितामह' का निधन, PM मोदी से मिलने का सपना रह गया अधूरा

जनसंघ के समय से भाजपा के सच्चे सिपाही रहे गोवर्धन लाल बढेरा का शनिवार को निधन हो गया. दौसा में उन्हें लोग भाजपा का भीष्म पितामह कहते थे.

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Govardhan Lal Badhera (फाइल फोटो)

Rajasthan News: जनसंघ के समय से भाजपा के सच्चे सिपाही रहे गोवर्धन लाल बढेरा का शनिवार को निधन हो गया. लोग उन्हें दौसा भाजपा का भीष्म पितामह कहते थे. खास बात है कि बीते दिनों दौसा में हुए रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गोवर्धन लाल ने मिलने की इच्छा जताई थी. हालांकि, अब निधन के बाद उनका यह सपना अधूरा रह गया. वह  जनसंघ के समय कई जेल गए. 

95 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

ध्यान देने वाली बात है कि दौसा में 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया था. पीएम मोदी का रोड शो गोवर्धन लाल बढेरा के प्रतिष्ठान के आगे होकर निकला, लेकिन वह प्रधानमंत्री से नहीं मिल सके. पीएम मोदी से मिलने की उनकी इच्छा नहीं पूरी हो गई और 95 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. दौसा में आने-जाने वाले हर छोटे-बड़े बीजेपी नेता भीष्म पितामह से मिलकर जाते थे.

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सक्रिय राजनीति से रहे दूर

गोवर्धन लाल बढेरा की बात की जाए तो बीजेपी के प्राथमिक सदस्य रहे है. इन्हीं के समय जनसंघ का जन्म हुआ जो बाद में भाजपा के नाम से पहचाने लगी. जनसंघ के समय से भाजपा के इस नेता ने दौसा में बीजेपी के लिए अपनी खुद की भीष्म पितामह वाली पहचान कायम की. हालांकि वह सक्रिय राजनीति से काफी दूर रहे.

पार्टी ने भी इन्हें सक्रिय राजनीति में आने का मौका नहीं दिया. अपने अंतिम समय में वह चाहते थे कि भाजपा इस बार 400 पार का रिकॉर्ड बनाए और एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सत्ता की बागडोर संभालते हुए देख पाएं. हालांकि, चुनाव नतीजों से पहले ही गोवर्धन लाल बढेरा इस दुनिया को अलविदा कह गए.

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