Udaipur News: राजस्थान के उदयपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. यहां कोई पुरानी रंजिश या दुश्मनी नहीं थी, बल्कि सिर्फ 'धंधे की जलन' ने एक इंसान को अपराधी बना दिया. गोगुंदा पुलिस ने बुजुर्ग दूध व्यापारी शंकर लाल पर हुए जानलेवा हमले का बुधवार को खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इस पूरी कहानी में हमले का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि शंकर लाल का ही एक साथी दूध व्यापारी लक्ष्मण सिंह निकला.
दूध के व्यापार ने पैदा की जलन
शंकर लाल और लक्ष्मण सिंह, दोनों का काम एक ही था, गांवों में घूम-घूमकर दूध सप्लाई करना. पिछले कुछ समय से शंकर लाल का काम बहुत अच्छा चलने लगा था और उनके ग्राहकों की संख्या बढ़ती जा रही थी. बस यही बात लक्ष्मण को चुभने लगी. उसे लगा कि अगर शंकर ऐसे ही आगे बढ़ता रहा, तो उसका धंधा चौपट हो जाएगा. इसी 'कंपटीशन' को खत्म करने के लिए लक्ष्मण ने सीधा शंकर को ही दुनिया से हटाने का मन बना लिया.
मुंबई से बुलाए गुंडे, 1 लाख की दी सुपारी
लक्ष्मण ने खुद हाथ गंदे करने के बजाय सुपारी देने का रास्ता चुना. उसने मुंबई में रह रहे अपने दोस्त मनीष को फोन किया. मनीष के जरिए भाड़े के बदमाशों से संपर्क हुआ और शंकर की जान लेने के लिए 1 लाख रुपये का सौदा तय हुआ. लक्ष्मण ने बदमाशों को बाकायदा शंकर का चेहरा दिखाया और उनके आने-जाने के रास्तों की रेकी करवाई.
पीठ में चाकू लेकर अस्पताल पहुंचे थे बुजुर्ग
2 अप्रैल की सुबह जब शंकर लाल हमेशा की तरह अपनी बाइक पर दूध लेकर निकल रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. बदमाशों ने चाकू से उन पर ताबड़तोड़ हमला किया. हमला इतना जोरदार था कि एक चाकू तो शंकर की पीठ में ही फंस गया. बदमाश उन्हें मरा हुआ समझकर वहां से भाग निकले. लेकिन किस्मत अच्छी थी कि वहां से गुजर रहे लोगों ने शंकर को देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच गई.
100 कैमरों की फुटेज ने पहुंचाया जेल
पुलिस के लिए यह मामला ब्लाइंड क्राइम अंधा कत्ल जैसा था, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी. पुलिस ने पूरे इलाके के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों को चेक किया. कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और आखिरकार पुलिस की नजर लक्ष्मण सिंह पर टिक गई. कड़ाई से पूछताछ हुई तो सारा सच सामने आ गया.
पुलिस ने लक्ष्मण और उसके एक साथी टीकम चंद को पकड़ लिया है. अब पुलिस को उन तीन बदमाशों और मुंबई वाले दोस्त की तलाश है जो फिलहाल फरार हैं.
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