पीटीआई भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को नहीं मिला नियुक्ति पत्र, राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन बोर्ड से पूछा है की चयन के बावजूद इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति क्यों नहीं दी गई. 

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने पीटीआई भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं देने को लेकर जवाब मांगा है. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिका करता आदेश कमल और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सवाल उठाया है. 

कर्मचारी चयन बोर्ड ने 2022 में निकाली थी पीटीआई के 5546 पदों पर भर्ती  

याचिकाकर्ता का चयन 2022 में हुए पीटीआई भर्ती परीक्षा में हुआ था. कर्मचारी चयन बोर्ड ने 16 जून 2022 को पीटीआई के 5546 पदों के लिए भर्ती निकाली थी. इसमें मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीपीएड या डीपीएड उत्तीर्ण होने की पात्रता थी. अभ्यर्थी के पास यह पात्रता थी. अभ्यर्थी ने परीक्षा दी और मेरिट लिस्ट में स्थान पाया.

Advertisement

 अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दिलाइ गई 

इसके बाद उसकी काउंसिलिंग भी हुई. उसे अलवर और सवाई माधोपुर जिले भी नियुक्ति के लिए आवंटित किए गए. फिर भी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दिलाई गई.  

ओपीजेएस यूनीवर्सिटी की डिग्री में फंसा पेंच

याचिकर्ताओं के पास ओपीजेएस यूनीवर्सिटी की डिग्री है. पीजेएस यूनीवर्सिटी हाल में विवादों के घेरे में रही है. एसओजी ने इस विश्वविद्यालय की हजारों फर्जी डिग्री बरामद की थी. कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. अपनी जांच में एसओजी ने पाया था कि लंबे समय से इस विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री बांटने का खेल चल रहा था.

ओपीजेएस यूनीवर्सिटी से मिली डिग्री को संदेह की निगाह से देखा जा रहा  

अब ओपीजेएस यूनीवर्सिटी से प्राप्त डिग्री को संदेह की निगाह से देखा जा रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके पास पुरानी डिग्री है. साथ ही आधिकारिक रूप से बोर्ड या शिक्षा विभाग ने भी यूनीवर्सिटी के लिंक को कार्यभार ग्रहण न कराने की वजह नहीं बताया है. 

यह भी पढ़ें: यूजीसी नेट परीक्षा रद्द, CBI करेगी जांच; अब कब होगा एग्जाम?