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राजस्थान में मॉब लिंचिंग, पीड़ित परिवार धरने पर बैठा; सरकारी नौकरी..50 लाख रुपये समेत कर रहा ये 5 डिमांड

पीड़ित परिवार ने प्रशासन को जो डेडलाइन दी थी, वो अब खत्म हो गई है. अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तार नहीं की किया गया है. हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है.

राजस्थान में मॉब लिंचिंग, पीड़ित परिवार धरने पर बैठा; सरकारी नौकरी..50 लाख रुपये समेत कर रहा ये 5 डिमांड
राजस्थान में मॉब लिंचिंग! भीड़ ने युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, अधमरी हालत में बचाकर पुलिस ले गई अस्पताल, मौत के बाद धरने पर बैठे परिजन
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा रोड पर बाइक चोरी के शक में भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया. भीड़ ने दिनेश मीणा नाम के एक युवक को पकड़कर न सिर्फ बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे पेड़ से भी बांध दिया. हालत बिगड़ने पर जब पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

गुरुवार को हुई इस मॉब लिंचिंग के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैल गया है. अब आक्रोशित परिजन और ग्रामीण पिछले 18 घंटे से उप-जिला अस्पताल परिसर में शव को मोर्चरी के बाहर रखकर धरने पर बैठे हैं. इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, जिसमें 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

पोस्टमार्टम से किया इनकार

युवा नेता मनोज मीणा के नेतृत्व में परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं. उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा. प्रशासन को सुबह 10 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया है और मांगें न मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है.

दौसा में बाइक चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा गया.

दौसा में बाइक चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा गया.
Photo Credit: NDTV Reporter

परिवार की 5 मांगे क्या हैं?

परिजनों की मांग की है कि 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी किया जाए. मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया जाए. मृतक दिनेश मीणा की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए. पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए. लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए.

भारी पुलिस बल तैनात

अल्टीमेटम और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर और आस-पास के इलाकों में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है. बांदीकुई तहसीलदार राजेश सैनी और एएसपी शंकरलाल मीणा लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों से समझाइश की कोशिश कर रहे हैं.

क्या कहना है पुलिस का?

अतिरिक्त पुलिस एएसपी शंकरलाल मीणा ने बताया कि बसवा पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, पुलिस युवक को पेड़ से छुड़ाकर पहले बसवा अस्पताल और फिर बांदीकुई लेकर आई थी, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. पुलिस के हाथ कुछ वायरल वीडियो लगे हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है. बसवा पुलिस ने अब तक 12 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

पूर्व विधायक भी पहुंचे अस्पताल

मामला बढ़ता देख पूर्व विधायक जी.आर. खटाना भी उप-जिला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया. खटाना ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और पुलिस अधिकारियों से बात कर अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने और क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने की मांग की.

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