Rajasthan News: राजस्थान में दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में हुई मॉब लिंचिंग की घटना राजस्थान में चर्चा की विषय बन गई. जिसमें बाइक चोरी के संदेह में युवक दिनेश मीणा को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटने और उसकी जान लेने वाले मामले में बसवा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस वीभत्स घटना पर प्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कड़ी नाराजगी जताई है.
पुलिस की तुरंत कार्रवाई
28 मई 2026 को दिनेश मीणा घर से बाल कटवाने निकला था तभी पंडितपुरा में उसे घेर लिया गया. वाहन चोरी का शक जताते हुए उसे नीम के पेड़ से बांधा गया और लाठी-डंडों से इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसने दम तोड़ दिया. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश और दौसा एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई.
पुलिस ने वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर अशोक सैनी, रिंकू सैनी, रायसिंह सैनी, महेंद्र सैनी और गिर्राज सैनी को दबोच लिया है. इन पर हत्या, अवैध बंधक बनाने और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
क्या बोले मंत्री किरोड़ी लाल मीणा
मेहंदीपुर बालाजी में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि लोग खुद ही थानेदार और अदालत बन बैठे जो सभ्य समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पर शक था तो उसे कानून के हवाले करना चाहिए था न कि खुद कानून अपने हाथ में लेना चाहिए था.
मंत्री ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. बसवा पुलिस फिलहाल घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है. वायरल वीडियो और चश्मदीदों के बयानों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें- बांसवाड़ा में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, दिल्ली स्पेशल सेल की गिरफ्त में आया ओला ड्राइवर फरहान