विज्ञापन

ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम: कैसे गर्म चाय की मदद से Amazon से ठगे 19.87 लाख रुपये, जानें पूरा मामला

दौसा में 19 लाख की ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ठगो ने चाय का इस्तेमल कर इस लाखों की ठगी को अंजाम दिया है.

ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम: कैसे गर्म चाय की मदद से Amazon से ठगे 19.87 लाख रुपये, जानें पूरा मामला
online shopping scam

Amazon online shopping Scam: राजस्थान के  दौसा जिले की पुलिस के साइबर थाना और साइबर सेल ने ई-कॉमर्स धोखाधड़ी के एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके चलते करीब 19.87 लाख रुपये की ठगी का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से एप्पल कंपनी की डिजिटल घड़ी भी बरामद की गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अमेजन पर फर्जी नाम-पते से अकाउंट बनाकर महंगे उत्पाद मंगवाता था और पार्सल खोलकर असली सामान निकालकर उसकी जगह हूबहू नकली सामान रख देता था. इसके बाद ऑर्डर का गलत पता बताकर रद्द करवाकर कंपनी को दोहरी चपत लगता था.

ऐसे हुआ करोड़ों की ठगी का खुलासा

पुलिस के अनुसार इस पूरे खेल में डिलीवरी कंपनी के स्टेशन मैनेजर की मिलीभगत भी सामने आई है, जिसकी मदद से पार्सलों की अदला-बदली की जाती थी.

11 अगस्त 2025 को कनेक्ट इंडिया कूरियर कंपनी, दौसा के मैनेजर सतवीर सिंह ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार दौसा केंद्र पर अमेजन के Apple Watch Ultra 3 और अन्य महंगे उत्पादों के कुल 19 ऑर्डर आए थे. इन ऑडर्स को डिलीवरी बॉय ने गलत या अधूरा पता बताकर रिजेक्ट कर दिया. इसके बाद जब ये पार्सल वापस अमेजन वेयरहाउस पहुंचे तो उनकी जांच में सामने आया कि पार्सलों से असली एप्पल घड़ियां निकालकर उनकी जगह नकली घड़ियां रख दी गई थीं. इस धोखाधड़ी से कंपनी को 19,86,976 रुपये का नुकसान हुआ. रिपोर्ट पर साइबर थाना दौसा में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

जांच में सामने आया कि आरोपी पहले फर्जी नाम और पते से अमेजन पर अकाउंट बनाकर महंगे सामानों का ऑर्डर करते थे. इसके लिए उन्होंने डिलीवरी स्टेशन मैनेजर से मिलीभगत कर रखी थी. ऐसे में पार्सल अपने कब्जे में ले लेते. फिर गर्म चाय की भाप की मदद से पार्सल को बिना नुकसान पहुंचाए खोलते, असली उत्पाद निकालकर उसकी जगह हूबहू नकली सामान रख देते. इसके बाद पार्सल वापस स्टेशन मैनेजर को सौंप दिया जाता, जो गलत पता बताकर ऑर्डर रद्द कर देता. ऑर्डर की राशि वापस बैंक खाते में लौट आती, जबकि असली उत्पाद बाजार में बेचकर आरोपी अलग से मुनाफा कमाते थे.

तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज राहुल प्रकाश, पुलिस अधीक्षक दौसा पीयूष दीक्षित तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीना के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक साइबर बृजेश कुमार मीना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने डिजिटल साक्ष्यों, ऑनलाइन अकाउंट, ट्रैकिंग रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर गिरोह की पहचान की. इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने इस मामले में साहिल बंसल, मदन जांगिड, पारस साहू और नरेन्द्र बैरवा को गिरफ्तार किया है. नरेन्द्र बैरवा कनेक्ट इंडिया ई-कॉमर्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की दौसा शाखा में हब मैनेजर के पद पर कार्यरत था. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बेचे गए उत्पादों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.

यह भी पढ़ें: डकैत के अंत‍िम संस्‍कार में शाम‍िल नहीं होने पर MLA जसवंत गुर्जर ट्रोल,  व‍िधायक ने बताया बरसाती मेढक

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close