29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या किए जाने के बाद गुर्जर समाज में भारी रोष है. जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में करीब 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे, लेकिन विधायक जसवंत सिंह गुर्जर शामिल नहीं हुए, जबकि सभी की निगाहें उन्हीं के ऊपर थी, क्योंकि क्षेत्र के विधायक होने के बावजूद गुर्जर समाज से आते हैं. सोशल मीडिया पर ट्रोल कर दिया.
इसके बाद बाड़ी से बसपा विधायक जसवंत सिंह गुर्जर ने ट्रोलर्स को जवाब दिया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर बाहरी लोगों को इस मामले में दखल नहीं देने की नसीहत दी है. बाहरी लोगों को बरसाती मेढक बताते हुए लाश पर राजनीति करने की बात कही है.
विधायक की पत्नी का देहांत
विधायक जसवंत गुर्जर ने कहा, "15 दिन से मेरी पत्नी की तबीयत खराब चल रही थी. जयपुर में एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था. अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रही थीं. तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया जयपुर में मुझे जगन सिंह गुर्जर की जेल में हत्या की जानकारी मिली थी. इस घटना से सभी को बुरा लगा है. इस पूरे घटनाक्रम की सरकार जांच कर रही है और हमारी इस तरफ निगाह है."
आंदोलन करने की चेतावनी दी
उन्होंने कहा कि जगन हत्याकांड की जांच सही तरीके से नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि जो लोग लाश पर राजनीति कर रहे हैं, वह समाज के कभी वफादार नहीं रहे हैं, और उन लोगों ने विरोधियों के पैर पकड़े हैं.
विधायक ने कहा- हम ही न्याय दिलाएंगे
विधायक ने कहा, "जगन हत्याकांड की जांच हम ही करवा सकते हैं, और हम ही न्याय दिलाएंगे. कुछ बाहर के लोग भी इस घटनाक्रम में सक्रिय हो रहे हैं. ऐसे लोग पैसे के दम पर चुनाव लड़कर खुद की राजनीति को चमका रहे हैं. उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने इस बार मुझे चुनाव जितवा दिया है, अन्यथा मेरे विरोधी के वही लोग पैर पकड़ते थे."
"आखिर में अपना ही व्यक्ति काम आता है"
उन्होंने कहा आखिर में अपना ही व्यक्ति काम आता है. बरसाती मेढक कभी अपना नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा, "मैं समाज के साथ हमेशा खड़ा रहा हूं. हमने पहले भी पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है." उन्होंने गुर्जर समाज एवं जगन के परिजनों से अपील करते हुए कहा कि शांति बनाए रखें न्याय लेकर रहेंगे.
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