Dusa News: राजस्थान के दौसा जिले में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखती हुआ बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है. घटना बसवा थाना क्षेत्र की जहां बाइक चोरी के शक में गुरुवार सुबह एक युवक को पकड़कर पेड़ से बांधे रखा. इस दौरान उसकी तबियत बिगड़ गई. जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई. घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव है और आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव लेने से साफ इनकार कर दिया है.
बाइक चोरी के आरोप में चोर को पेड़ से बांधा
जानकारी के अनुसार, घटना बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा रोड की है. गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने एक युवक को कथित तौर पर बाइक चोरी के प्रयास में रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया. इसके बाद कानून को हाथ में लेते हुए लोगों ने युवक को एक पेड़ से कसकर बांध दिया. इस दौरान काफी देर तक वह धूप और बंधक स्थिति में रहा, जिससे उसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी.
घंटों से पेड़ से बंधे होने से हुई मौत
घटना की सूचना मिलते ही बसवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तुरंत बंधन से मुक्त कराकर स्थानीय बसवा अस्पताल पहुंचाया.प्राथमिक उपचार के बाद युवक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत बांदीकुई रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान दिनेश मीणा के रूप में हुई है.
वीडियो के आधार पर की जाएगी आरोपियों की पहचान
आगे की जानकारी देते हए एएसपी ने बताय कि मामला दर्ज कर लिया गया है. साथ ही घटनास्थल के कुछ वीडियो सामने आए है. उसी के आधार पर जिन लोगों ने युवक को बांधा, मारपीट की या वीडियो बनाए, उनकी पहचान की जा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि युवक वास्तव में बाइक चोरी की वारदात में शामिल था या केवल शक के आधार पर उसे पकड़ लिया गया था.
परिजनों के शव लेने से किया इनकार
वहीं दूसरी तरफ, परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने से साफ इनकार कर दिया है. मृतक के परिजनों का आरोप है कि उनके पास घटना के वीडियो मौजूद हैं, जिनमें युवक को पेड़ से बांधने वाले लोग साफ दिखाई दे रहे हैं. परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव नहीं लिया जाएगा.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. युवक वहां कैसे पहुंचा, क्या वास्तव में चोरी की वारदात में शामिल था या केवल शक के आधार पर उसे निशाना बनाया गया . इसके अलावा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस इलाके में अलर्ट मोड पर है. आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं.
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