एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) में इस्तेमाल होने वाले 'बुपीकेन हेवी' इंजेक्शन के एक बैच पर बड़ा एक्शन लिया गया है. आयुक्तालय (फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल) ने इस इंजेक्शन की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. यह फैसला हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में इंजेक्शन लगाने के बाद मरीजों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद लिया गया है. इसके बाद राजस्थान समेत पूरे देश में संबंधित बैच पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
स्टॉक जब्त करने और सैंपल लेने के निर्देश
फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी औषधि नियंत्रण अधिकारियों को संबंधित बैच का स्टॉक जब्त करने और जांच के लिए सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं. विभाग के अनुसार, थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड, उत्तराखंड से निर्मित बुपीकेन हेवी इंजेक्शन के बैच नंबर BVC 2601 की बिक्री पर रोक लगाई गई है.
कब हुई बैच की मैन्युफैक्चरिंग?
इस बैच की मैन्युफैक्चरिंग मई 2026 में हुई थी, जबकि इसकी एक्सपायरी डेट अप्रैल 2028 है. यदि सैंपल के लिए संबंधित बैच उपलब्ध नहीं मिलता है तो अन्य बैचों के सैंपल लेकर उनकी जांच रिपोर्ट भी कमिश्नरेट को भेजी जाए. दरअसल, हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित अपोलो अस्पताल में इस इंजेक्शन के लगने के बाद 16 मरीजों की तबीयत बिगड़ गई.
इंजेक्शन के बाद किस तरह की मिली शिकायतें?
इंजेक्शन लगने के बाद मरीजों को चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और दौरे पड़ने जैसी शिकायतें हुईं. कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा और आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. फिलहाल 16 में से 14 मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि दो मरीजों का इलाज जारी है.
सभी राज्यों में इस बैच की बिक्री पर रोक
घटना को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों को इस बैच की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद राजस्थान में भी यह कार्रवाई की गई है.
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