देश भर में ई रिक्शा को लॉक करने की एक अफवाह चल रही है, लेकिन एनडीटीवी ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सच साबित हुई. जयपुर के DCP साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 1 दो घटना ऐसी हुई है. हालांकि थाने तक किसी ने मामला दर्ज नहीं कराया. उन्होंने बताया कि ये रिक्शा चाइनीस बैटरी से ऑपरेट होते हैं. उसका एक ऐप आता है और उस ऐप से है वह लॉक हो जाता है.
इसका मकसद यह था कि कभी ई रिक्शा चोरी हो तो उसे लॉक किया जा सके, ताकि कोई चोर उसे इस्तेमाल नहीं कर सके, लेकिन अब कुछ असामाजिकतत्व इसका गलत फायदा उठा रहे हैं. ई रिक्शा में बैटरी होती है. उसका ब्लूटूथ रेंज आस पास के मोबाइल में पकड़ता है तो असामाजिक तत्व उस ब्लूटूथ रेंज में आकर अपने मोबाइल में उस चाइनीज ऐप से बैटरी को जोड़कर ई रिक्शा को लॉक कर रहे हैं, हालांकि उसे इसका आर्थिक फायदा तो नहीं हो रहा लेकिन वह है मस्ती मजाक मैं ऐसा कर रहे हैं.
काम पर जाने से भी डर रहे रिक्शा चालक
इस घटना से ई रिक्शा चालकों को काफी परेशानी हो रही है. ई रिक्शा संचालक अब गाड़ी चलाने में डर रहे हैं. पुलिस ने कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी 170 B एन एस की धारा में उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. वही पाबंदी की कार्रवाई की जा रही है. कई जगह जानकारी में सामने आई है कि कुछ लोग ई रिक्शा चालक को ब्लैकमेल भी कर रहे हैं और पैसे भी ले रहे हैं.
IPS राजर्षि राज का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने अपील की है कि चालाक पुलिस से संपर्क कर सकता है. पुलिस तुरंत एक्शन लेगी. वहीं उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि ऐसी हरकत नहीं करें वरना आपको पुलिस कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है. ई रिक्शा चालक मेहनत करके अपनी रोजी रोटी की व्यवस्था करते हैं. उन्हें परेशान नहीं किया जाए.