डीडवाना : दलित युवकों की हत्या मामले में बड़ा खुलासा, ADG लॉ एंड ऑर्डर दिनेश MN ने बताई पूरी कहानी

Didwana Dalit Youths Murder Case: राजस्थान के डीडवाना में दो दलित युवकों की बोलरो से कुचल कर हत्या किए जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. राजस्थान एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दिनेश एमएन ने पूरे मामले की जांच के बाद बताया कि दलित युवकों की हत्या गफलत में की गई थी.

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Didwana Dalit Youths Murder Case: डीडवाना में दो दलित युवकों की बेरहमी से हत्या के मामले को लेकर राजस्थान का माहौल गरम है. चुनाव से पहले डीडवाना के राणासर गांव में बाइक सवार तीन युवकों की बोलरो से कुचल दिया गया था. इसमें दो युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल है. इस घटना को लेकर BJP राजस्थान सरकार पर हमलावर है. मुख्य विपक्षी दल सहित अन्य दलित संगठन राज्य की कानून व्यवस्था पर  सवाल उठा रहे हैं. इस बीच एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दिनेश एमएन ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है. बुधवार को कुचामन पहुंचे सीनियर आईपीएस ऑफिसर दिनेश एमएन ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को डिटेन कर लिया है, जबकि 16 लोगों की पहचान की जा चुकी है. अजमेर रेंज की 30 टीमों के 600 से ज्यादा पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश में जुटे हैं.

दिनेश एमएन ने बताया- गफलत में हुई हत्या

दिनेश एमएन ने आगे बताया कि यह हत्याकांड संभवत: गफलत में हुआ है, क्योंकि आरोपी बदमाशी प्रवृत्ति के है और उनका किसी अन्य गुट से विवाद हुआ था. दोनों ही गुटों ने एक-दूसरे से बदला लेने की बात कही थी. दूसरे गुट ने होटल पर आकर देख लेने की धमकी दी थी. इसी कारण आरोपी होटल के बाहर गाड़ियों के साथ झगड़े की तैयारी में खड़े थे. इसी बीच दलित युवक बाइक से होटल पर पहुंचे और वहां पहले से खड़े बदमाशों को देखकर भागने लगे. 

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दलित युवकों की हत्या के बाद डीडवाना में भारी आक्रोश.

दूसरी गैंग के मुखबिर समझकर युवकों को कुचला

अधिकारी ने बताया कि होटल से भाग रहे दलित युवकों को दूसरी गैंग का मुखबिर समझकर आरोपियों ने उसके पीछे गाड़ी दौड़ा दी. आरोपियों को लगा कि ये तीनों उनकी रेकी करने आए हैं. कुछ दूर आगे जाकर आरोपियों ने उनके बाइक के आगे गाड़ियां लगाकर रोक लिया और उनसे पूछताछ की.

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दलित युवकों ने बताया कि वे लोग होटल पर खाना खाने आए थे. लेकिन आरोपियों की तादाद और उनकी बॉडी लैंग्वेज को देखकर पीड़ित घबरा गए और वहां से भागने लगे, जिस पर आरोपियों ने उन्हें रेकी करने वाला समझकर पीछा किया और होटल से लगभग 1 किलोमीटर दूर उनकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया. बाद में गाड़ियों से कुचलकर उनकी हत्या कर दी.

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एडीजी दिनेश एमएन ने कहा कि मारे गए युवक निर्दोष है. उनका किसी भी गैंगवार और बदमाशों से कोई लेना-देना नहीं था. तीनों ही युवक राजूराम, चुन्नीलाल और किशनाराम मार्बल के मजदूर थे. तीनों मौलासर में मेला देखने आए थे और मेला देखकर रात को वापस लौट रहे थे.

तीसरा युवक अब जिंदगी और मौत से लड़ रहा जंग

इसी दौरान आरोपियों ने इन युवकों को प्रतिद्वंदी गैंग का मुखबिर समझकर मौत के घाट उतार दिया. मौके पर गाड़ियों को दौड़ते हुए जब आसपास के लोगों ने देखा तो वहां पहुंचे, मगर तब तक आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में कुचामन पुलिस को सूचना दी गई तो घटना के 1 घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कुचामन अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया. जबकि घायल का प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रैफर कर दिया गया, जो अब तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है.

सीबीआई जांच और मुआवजे की मांग पर अड़े लोग

पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान का दावा किया है और तीन आरोपियों को डिटेन भी कर लिया है. घटना में प्रयुक्त एक गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. लेकिन पीड़ित परिवार और दलित समाज सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करने, मामले की सीबीआई जांच करने और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग पर अड़े हैं.

घटना के तीन दिन बाद भी मृतकों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है. पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी, तब तक ना तो पोस्टमार्टम किया जाएगा, ना ही शव लिए जाएंगे.

नेता प्रपिपक्ष ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना

इस मामले में भाजपा सरकार को घेरने में जुटी है. कल नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कुचामन पहुंचे और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. राठौड़ ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मांग करेंगे कि इस मामले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए. पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा दिया जाए और मामले की सीबीआई से जांच करवाई जाए. हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और दलित समाज के साथ पुलिस व प्रशासन की दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन दोनों ही वार्ताओं में कोई नतीजा नहीं निकला.

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