राजस्थान में एक बार फिर से चांदीपुरा वायरस ने एक छह वर्षीय बच्ची की जान ले ली है. जानकारी के मुताबिक, डूंगरपुर जिले की रहने वाली बच्ची की गुजरात के अस्पताल में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस (CHPV) के संक्रमण से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. 15 जुलाई को बच्ची की मौत के बाद जब गुजरात सरकार ने राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को सतर्क किया, तब जयपुर मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर के स्थानीय अधिकारी हरकत में आए. संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित रतनपुरा गांव में तुरंत मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई हैं, जहां अब तक 353 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है.
हिम्मतनगर अस्पताल में बच्ची की मौत
अधिकारियों ने हालांकि कहा कि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. अधिकारियों के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे रतनपुरा में 6 वर्षीय रिंकू को अचानक उल्टियां होने लगीं. परिजन उसे तुरंत सीमलवाड़ा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से स्थिति गंभीर होने के कारण उसे गुजरात के मोडासा और अंततः हिम्मतनगर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया. इलाज के दौरान 15 जुलाई 2026 को बालिका की मौत हो गई.
अधिकारियों ने बताया कि हिम्मतनगर अस्पताल ने बच्ची के नमूने लेने के बाद गुजरात सरकार को मामले की जानकारी दी. इसके बाद गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग को सतर्क किया क्योंकि बच्ची डूंगरपुर की रहने वाली थी. राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के जयपुर स्थित मुख्यालय को 18 जुलाई को इसकी जानकारी मिली जिसके बाद डूंगरपुर के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी हरकत में आए.
गांव में मेडिकल टीमों की तैनाती
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य दल तैनात किए गए हैं और वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं. अब तक प्रभावित इलाके में 353 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है. चांदीपुरा वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं.
बता दें कि चांदीपुरा वायरस मच्छर, किलनी और रेत मक्खी जैसे वाहकों से फैलने वाला वायरस है, जो मुख्य रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है. इसके संक्रमण से बुखार, फ्लू जैसे लक्षण और मस्तिष्क में तीव्र सूजन हो सकती है.
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